प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को दिल्ली में शहरी गैस वितरण (सीजीडी) परियोजना को हरी झंडी दिखाई. यह परियोजना देश के 129 अलग-अलग जिलों में चलेगी. इसके पूरा होते ही देवघर, शेखपुरा और जमुई शहर में अगले साल फरवरी में पाइपलाइन से गैस वितरण शुरू हो जाएगा.
नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में इस परियोजना को शुरू करने के बाद पीएम मोदी ने कहा कि 'भविष्य के भारत के लिए किस तरह आज के भारत में बड़े संकल्प लेकर कार्यों को सिद्ध किया जा रहा है, आज हम सभी उसके गवाह बने हैं. अब से कुछ देर पहले देश के 129 जिलों में City Gas Distribution (सीजीडी) नेटवर्क स्थापित करने के कार्यों की शुरुआत हुई है.'
Till 2014, only 66 districts across the country were within the purview of City Gas Distribution, today the number rose to 174 districts. In next 2-3 yrs its reach will spread to 400 districts. It's a grand picture of how our cities have taken steps towards Gas Based Economy: PM pic.twitter.com/W3r0GbSDoP
— ANI (@ANI) November 22, 2018
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, '10वीं बोली लगने के बाद शुरू हुए कार्य जब पूर्णता की तरफ बढ़ेंगे, तो देश के 400 से ज्यादा जिले सीजीडी नेटवर्क के दायरे में आ जाएंगे. मुझे बताया गया है कि देश की करीब-करीब 70 प्रतिशत आबादी को ये सुविधा मिलने का मार्ग खुल जाएगा.' उन्होंने यह भी कहा कि '2014 तक देश के 66 जिले ही सीजीडी नेटवर्क के दायरे में थे. आज देश के 174 जिलों में सिटी गैस का काम चल रहा है. अगले 2-3 वर्षों में 400 से ज्यादा जिलों तक इसकी पहुंच होगी. हमारे शहरों ने गैस आधारित अर्थव्यवस्था की तरफ कैसे मजबूत कदम उठाया है, ये उसकी भव्य तस्वीर है.'
The govt is paying attention on all aspects of Gas Based Economy. To strengthen the gas infrastructure of the country, work is being done simultaneously to increase number of LNG terminals and work on the network of Nationwide Gas Grid and City Gas Distribution: PM Narendra Modi pic.twitter.com/4TZC30dw60
— ANI (@ANI) November 22, 2018
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, 'सरकार गैस आधारित अर्थव्यवस्था के सभी आयामों पर ध्यान दे रही है. देश में गैस इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए एलएनजी टर्मिनल्स की संख्या बढ़ाने, पूरे देश में गैस ग्रिड और सीजीडी नेटवर्क पर एक साथ काम किया जा रहा है. जब शहर में गैस पहुंचती है, तो वो एक नए इकोसिस्टम का निर्माण करती है. उस शहर में गैस आधारित उद्योगों की स्थापना की संभावना बढ़ती है. पाइप के जरिए सीधे लोगों के घरों में पहुंचना वाली गैस, लोगों के जीवन आसान बनाती है. पाइप को बिछाने के लिए हजारों युवाओं को रोजगार मिलता है.'
प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘अगर मैं कहूं कि साल 2014 में देश के लोगों ने सिर्फ सरकार ही नहीं बदली, बल्कि सरकार की कार्यशैली, कार्यसंस्कृति और योजनाओं को लागू करने का तरीका भी बदल दिया है, तो गलत नहीं होगा. 2014 तक देश में 13 करोड़ एलपीजी कनेक्शन दिए गए थे, यानि 60 साल में 13 करोड़ कनेक्शन. देश में सारे संसाधन वही हैं, लोग वही हैं लेकिन पिछले 4 साल में लगभग 12 करोड़ कनेक्शन दिए जा चुके हैं. घरेलू गैस कवरेज का जो दायरा 2014 के पहले सिर्फ 55 प्रतिशत था, अब बढ़कर लगभग 90 प्रतिशत हो गया है.