scorecardresearch
 

23 जून तक मोदी कैबिनेट में होगी 4 नए चेहरों की एंट्री, बाहर होंगे गिरिराज, नकवी का होगा प्रमोशन

केंद्र सरकार ने कैबिनेट में फेरबदल के मद्देनजर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से 19 से 23 तक उनकी उपलब्धता पूछी थी. इसमें 21 से 23 जून की तारीख पर विशेष जोर दिया गया है.

X
दो साल के कामकाज की रिपोर्ट के आधार पर फेरबदल दो साल के कामकाज की रिपोर्ट के आधार पर फेरबदल

यूपी में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार अपनी कैबिनेट में बड़ा फेरबदल करने जा रही है. सूत्र बताते हैं कि बीजेपी नीत एनडीए सरकार की कैबनेट में चार नए चेहरों को जगह मिल सकती है. इनमें कम से कम एक मंत्री का उत्तर प्रदेश से होना लगभग तय है. यह फेरबदल 21 से 23 जून के बीच हो सकती है.

जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार ने कैबिनेट में फेरबदल के मद्देनजर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से 19 से 23 तक उनकी उपलब्धता पूछी थी. इसमें 21 से 23 जून की तारीख पर विशेष जोर दिया गया है. यह बदलाव दो साल की रिपोर्ट के आधार पर किया जा रहा है.

इन्हें लग सकता है बड़ा झटका
इस पूरे फेरबदल में जो सबसे बड़ी बात सामने आ रही है, वह यह कि बिहार के कद्दावर नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की कुर्सी पर गाज गिर सकती है. इसके अलावा उपराष्ट्रपति बनने की 'तैयारी' में जुटीं अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री नजमा हेपतुल्ला से भी मंत्री पद छिन सकता है. जबकि निहालचंद की भी कुर्सी जा सकती है.

ये हो सकते हैं मोदी की कोर टीम में शामिल
सूत्र बताते हैं क‍ि नई कैबिनेट में इलाहाबाद से सांसद श्यामा चरण गुप्ता को जगह मिल सकती है, जबकि जबलपुर से सासंद राकेश सिंह, बीकानेर से सांसद अर्जुन राम मेघवाल, बीजेपी महासचिव ओम माथुर और विनय सहस्त्रबुद्धे को भी मोदी सरकार की कोर टीम में शामिल किया जाएगा. दूसरी ओर, मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि नई कैबिनेट में असम को भी एक सीट दी जाएगी. जबकि मुख्तार अब्बास नकवी का प्रमोशन भी तय है.

...इसलिए होगी दिग्गजों की छुट्टी
बीजेपी के सूत्र बताते हैं कि पार्टी ने बिहार चुनाव के मद्देनजर गिरिराज सिंह को मंत्रीमंडल में जगह दी थी. राज्य में चुनाव के दौरान गिरिराज को खुली छूट भी मिली थी, लेकिन इसका कोई खास फायदा बीजेपी को नहीं मिला. जबकि अक्सर अपने विवादित बयानों के कारण गिरिराज पार्टी को बैकफुट पर भी ले गए. ऐसे में नए फेरबदल में उनकी छुट्टी तय मानी जा रही है.

दूसरी ओर, नजमा हेपतुल्ला अब 71 साल की हो गई हैं. बीजेपी पहले ही संकेत दे चुकी है कि वह 75 साल से अधि‍क के नेताओं से किनारा करने वाली है. ऐसे में नजमा का पत्ता भी कट सकता है. हालांकि इसका सीधा फायदा मुख्तार अब्बास नकवी को होने वाला है. उन्हें अल्पसंख्यक चेहरा होने का लाभ मिलने वाला है. साथ ही वह यूपी से भी हैं, जहां आने वाले दिनों में चुनाव होने हैं.

आरएसएस से ली गई सहमति
कैबिनेट में फेरबदल का यह फैसला पीएम मोदी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की आरएसएस नेताओं के साथ हुई बैठक के बाद लिया गया. बताया जाता है कि सरकार ने संघ प्रमुख से नए मंत्रियों के नाम पर सहमति ले ली है. हालांकि अभी इस ओर सिर्फ कयास ही लगाए जा सकते हैं, क्योंकि आने वाले दिनों प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह एक अहम बैठक करने वाले हैं, जिसमें नामों को लेकर अंतिम फैसला किया जाएगा.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें