जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ और नौहट्टा में आतंकी हमले के मद्देनजर गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को हाई लेवल मीटिंग बुलाई. इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, गृह सचिव, आईबी और रॉ चीफ के अलाावा सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे.
सूत्रों के हवाले से खबर है कि बैठक में खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट पर चर्चा हुई. इसमें खुलासा किया गया है कि लश्कर के आतंकियों को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और आर्मी आधुनिक हथियारों से लैस करके सीमा पार भेज रहे हैं.
आतंकियों की फंडिंग पर नकेल कसने की तैयारी
मीटिंग में घाटी में मौजूद आतंकियों की फंडिंग को लेकर भी चर्चा हुई. आतंकियों की फंडिंग पर एनआईए के अधिकारियों की एक टीम बनाने पर भी विचार हो सकता है. सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकियों के आठ लॉन्चिंग पैड की पहचान की है. इसके तहत अब LOC और इंटरनेशनल बॉर्डर पर घुसपैठ की कोशिश बढ़ सकती है. इन रास्तों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं.
गृह मंत्री ने सुरक्षा एजेंसियों को दिए निर्देश
खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर मीटिंग में हिजबुल और लश्कर के कैंप्स पर भी चर्चा हुई. आशंका जाहिर की गई है कि आतंकी सीमा पर बने सेना के बंकर के साथ-साथ घाटी में मौजूद सुरक्षा कैंप की वीडियो रिकॉर्डिंग कर बड़े हमले की फिराक में हैं. गृह मंत्री ने सुरक्षा एजेंसियों को इससे निपटने के निर्देश दिए हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि सीमा के बंकर पर बॉर्डर एक्शन टीम के हमले का खतरा है.