जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि मीडिया आग में घी डालने की बजाय कश्मीरियों को भारत के करीब लाए. उन्होंने इंडिया फाउंडेशन द्वारा आयोजित तीन दिवसीय 'इंडिया आइडियाज कॉनक्लेव 2017' में यह बात कही.
कि मीडिया अलगाववादियों को गालियां दे रहा और उन्हें आरोपी बना रहा है लेकिन जहर उगलवाने के लिए उन्हें टीवी पर भी जगह दे रहा है. उन्होंने कहा कि वह नहीं जानतीं कि वे ऐसा क्यों कर रहे हैं. क्या यह टीआरपी के चलते हो रहा है? उन्होंने कहा कि मीडिया को मौजूदा स्थिति से कश्मीर को बाहर निकालने में हमारी मदद करनी चाहिए और आग में घी नहीं डालना चाहिए.
के कुछ धड़े राज्य से सबसे वाहियात व्यक्ति को चुनते हैं, जो देश के खिलाफ बोल सके. वे ऐसे व्यक्ति को चुनते हैं जिसे कोई नहीं जानता और कोई कश्मीरी उसका परिचित नहीं. उसे वे टीवी पर दिखाते हैं और फिर वे लोग किसी से उसे भिड़ाते हैं. ये दोनों लड़ते हैं, कश्मीर और अन्य देशवासी उन्हें देखते हैं. दूसरे देशवासियों को लगता है कि यह कश्मीरी देश के बारे में बुरा बोल रहा है इसलिए कश्मीरी बुरे हैं. जबकि कश्मीरियों को लगता है कि पहला व्यक्ति कश्मीर पर आरोप लगा रहा है.
The whole country has to come forward to engage with the youth of J&K.
— Mehbooba Mufti (@MehboobaMufti)
उन्होंने कहा कि और शेष देश को एक दूसरे के करीब लाने में एक भूमिका निभानी चाहिए. कश्मीरियत कश्मीर के लोगों के कामकाज को प्रदर्शित करती है. मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार उन कश्मीरी पंडितों की भी मदद कर रही है जो विस्थापित नहीं हुए हैं.
My government & I are committed to return Kashmiri Pandits to a prosperous & stable Valley.
— Mehbooba Mufti (@MehboobaMufti)
उन्होंने कहा, मेरे पिता ने 2002 में कश्मीरी पंडितों के अस्थायी अवास बनाना शुरू किया था. अब हम लोग उन स्थानों पर और आवास बना रहे हैं.