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'मुगल-ए-आजम' में अनारकली पर मुसलमानों ने नहीं किया विरोध: आजम खान

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा  राजे और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बाद उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री आजम खान भी इस विवाद में कूद पड़े हैं.

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सपा नेता आजम खान सपा नेता आजम खान

संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती को लेकर जारी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. बॉलीवुड के गलियारे से लेकर सड़क और राजनीतिक गलियारे तक पद्मावती विवाद को लेकर घमासान जारी है.

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा  राजे और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बाद उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री आजम खान भी इस विवाद में कूद पड़े हैं.

सपा नेता आजम खान ने पद्मावती पर बयान देकर आग में घी डालने का काम किया है. उन्होंने कहा कि फिल्म 'मुगल-ए-आजम' में अनारकली को सलीम की महबूबा दिखाया गया था, लेकिन मुसलमानों ने इसका विरोध नहीं किया था.

पद्मावती फिल्म का विरोध करने वालों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि अंग्रेजी हुकूमत में उनके बस्ते उठाने वाले और सलामी बजाने वाले सम्मान की बात कर रहे हैं.

इससे पहले मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने एक समारोह में इस बात का ऐलान किया कि संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती मध्यप्रदेश की धरती पर रिलीज नहीं होगी.

शि‍वराज चौहान ने कहा, ''महारानी पद्मावती से जुड़े ऐतिहासि‍क तथ्यों से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी. मैं स्पष्ट कहना चाहता हूं कि मध्यप्रदेश की धरती पर पद्मावती फिल्म रिलीज नहीं होगी.' यही नहीं शिवराज चौहान ने भोपाल में देश की वीरों की याद में बनने वाले वीर भारत स्मारक स्थल में महारानी पद्मावती का स्मारक बनाने की भी घोषणा की.''

पादुकोण के परिवार को दी जा सकती है सुरक्षा

उधर, पद्मावती के देशभर में हो रहे विरोध के बाद फिल्म की लीड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण के परिवार को सुरक्षा दी जा सकती है. बताया जा रहा है कि कर्नाटक के गृह मंत्री ने डीजीपी को लिखा है कि वे दीपिका पादुकोण के परिवार को सुरक्षा मुहैया कराए. दीपिका का परिवार बेंगलुरु में रहता है. अब इस मामले में पुलिस को तय करना है कि वह पुलिस बल तैनात करती है या फिर फौरी तौर पर सतर्कता बरतती है.

भंसाली के ऑफिस के बाहर तैनात है पुलिस बल

इससे पहले संजय लीला भंसाली के ऑफिस के बाहर भी पुलिस बल तैनात किया गया था. 15-16 पुलिसकर्मियों की टीम मुंबई में जुहू स्थित भंसाली के दफ्तर के बाहर तैनात किए गए थे. पद्मावती में इतिहास के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए कई संगठनों ने चेतावनी दी है. राजस्थान में शूटिंग के दौरान भी करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने फिल्म के सेट पर तोड़-फोड़ के साथ भंसाली के साथ हाथापाई की थी.

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