मेधा पाटकर और ‘नर्मदा बचाओ आंदोलन’ के कई सदस्यों को समय लिए बिना जल संसाधन मंत्री उमा भारती से मिलने के लिए उनके जल संसाधन मंत्रालय में घुसने की कोशिश के आरोप में हिरासत में ले लिया गया. प्रदर्शनकारी मध्य प्रदेश के बाधवानी से नर्मदा संघर्ष यात्रा के हिस्से के रूप में राजधानी पहुंचे थे.
गुजरात के सरदार सरोवर बांध की ऊंचाई कम करने और नर्मदा नदी के किनारे रहने वाले लोगों के समुचित पुनर्वास के लिए वे मंत्री से मिलना चाहते थे. पुलिस उपायुक्त (मध्य दिल्ली) एस.बी.एस. त्यागी ने कहा, ‘पाटकर और नर्मदा बचाओ आंदोलन के अन्य सदस्यों ने उचित इजाजत लिए बिना मंत्रालय में घुसने की कोशिश की.’
नर्मदा बचाओ आंदोलन द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, ‘आज जिस तरह की घटनाएं हुईं हैं, उससे वर्तमान सरकार के उस दावे पर गंभीर प्रश्न उठता है, जिसमें वह जनता पहले है, की बात करती है. पर्यावरण को सबसे ऊपर रखा जाना चाहिए तथा देश के विकास के लिए फैसला लेने का आधार लोकतांत्रिक वार्ता होनी चाहिए.’
नर्मदा बचाओ आंदोलन ने घोषणा की है कि सरकार द्वारा बांध की ऊंचाई बढ़ाए जाने के फैसले के खिलाफ मंगलवार को एक जनसभा का आयोजन किया जाएगा.
- इनपुट IANS से