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मायावती बोलीं- स्मृति ने लॉबी में मांगी थी माफी, अब करें वादा पूरा

हैदराबाद यूनिवर्सिटी के छात्र रोहित वेमुला पर केंद्रीय मानव संसाधन एवं विकास मंत्री स्मृति ईरानी के जवाबों से मायावती ने असंतोष जाहिर किया है. मायावती ने सदन के बाहर कहा, 'कल उन्होंने लॉबी में आकर अपने व्यवहार को लेकर माफी मांगी. हमने तब उनको माफ भी कर दिया.'

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बीएसपी प्रमुख मायावती बीएसपी प्रमुख मायावती

राज्यसभा शुक्रवार को रोहित वेमुला मामले में स्मृति ईरानी के 'सिर अर्पण' की मांग रखने वाली बीएसपी प्रमुख ने सदन के बाहर भी केंद्रीय मंत्री को जमकर कोसा. मायावती ने कहा कि गुरुवार को संसद की लॉबी में आकर स्मृति ने उनसे माफी मांगी थी, जिस पर उन्होंने माफ भी कर दिया था. लेकिन दुर्गा और महिषासुर के नाम पर केंद्र सरकार अब देश के दलितों और आदिवासियों को बदनाम कर रही है.

हैदराबाद यूनिवर्सिटी के छात्र रोहित वेमुला पर केंद्रीय मानव संसाधन एवं विकास मंत्री स्मृति ईरानी के जवाबों से मायावती ने असंतोष जाहिर किया है. मायावती ने सदन के बाहर कहा, 'कल उन्होंने लॉबी में आकर अपने व्यवहार को लेकर माफी मांगी. हमने तब उनको माफ भी कर दिया. मुझे लगा अभी परिपक्वता नहीं हैं, इसलिए हमने माफ कर दिया है. लेकिन हमने ये भी कहा है की अपने व्यवहार में बदलाव लाओ, नहीं तो आप आगे नहीं बढ़ पाओगी.'

यूपी में मुख्य रूप से दलित वोट बैंक पर राजनीतिक बिसात बिछाने वाली बीएसपी प्रमुख ने कहा, 'दुर्गा मां और महिषासुर के नाम पर देश के दलितों और आदिवासियों को बदनाम किया गया है. सीता की रक्षा करने वाले दलित और आदिवासी के लोग थे. महिसाषुर मामला इसलिए उठाया गया, क्योंकि सरकार रोहित वेमुला का मामला दबाना चाहती है.'

अवैध है मंत्रालय का गजट
मायावती ने आगे कहा, '24 फरवरी को जो बात केंद्र सरकार ने रखी थी. वह केवल ये जवाब दें कि उसमें जो जांच आयोग बना है, उसमें दलित है या नहीं. कल भी जवाब नहीं दिया था और आज भी सही तरीके से जवाब नहीं दिया गया है.' बीएसपी प्रमुख ने आगे कहा, 'मानव संसाधन मंत्रालय ने दो फरवरी को जांच आयोग के लिए गजट जारी किया वो अवैध है. इसको पहले संसद के दोनों सदनों में पास करना चाहिए.'

'मैं जवाब से संतुष्ट नहीं, सिर अर्पण करें'
मायावती ने सदन के अंदर अपनी बात को बाहर भी दोहराया. उन्होंने कहा, 'मै उनके जवाब से सहमत नहीं हूं. उन्होंने कहा था कि असंतुष्टि‍ होने पर वह अपना सिर कलम करके मेरे सामने डाल देंगी. मैं सहमत नहीं हूं, अब सिर कलम करके हमारे चरणों में दाल दो.'

यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, 'दुख की बात यह है कि कांग्रेस पार्टी के नेता दलितों को लेकर नाटक करते हैं. हमने जब सदन में भी पूरा मामला उठाया तो वो चुप रहें. इससे पता चलता है कांग्रेस और बीजेपी दोनों दलितों के मामले में एक ही थाली के चट्टे बट्टे हैं.

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