scorecardresearch
 

MP विधानसभा चुनाव: जबलपुर पूर्व सीट पर लखन घनघोरिया ने मारी बाजी

मध्य प्रदेश में विधानसभा की 230 सीटों के लिए 28 नवंबर को मतदान हुआ था. राज्य में बीजेपी एक बार फिर सत्ता हासिल करने की कोशिश कर रही है तो वहीं कांग्रेस वापसी की कोशिश कर रही है. 

Advertisement
X
लखन घनघोरिया.
लखन घनघोरिया.

मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के नतीजे आ गए हैं. जबलपुर पूर्व विधानसभा सीट पर इस बार भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी ) के अंचल सोनकर और कांग्रेस के लखन घनघोरिया के बीच मुकाबला था. जिसके कांग्रेस के लखन घनघोरिया जीतने में कामयाब रहे. उन्हें 90206 वोट मिले. जबकि अंचल सोनकर को 55070 वोट हासिल हुए. 

2013 में विधानसभा की क्या थी तस्वीर

मध्य प्रदेश विधानसभा की 230 सीटों में से 35 सीट अनुसूचित जाति जबकि 47 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं. 148  गैर-आरक्षित सीटें हैं. 2013 में हुए विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने 165 सीटों पर जीत हासिल कर राज्य में लगातार तीसरी बार सरकार बनाई थी, जबकि कांग्रेस को 58 सीटों से ही संतोष करना पड़ा था. वहीं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने 4 जबकि 3 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी.

Advertisement

जबलपुर पूर्व में क्या थे 2013 और 2008 में नतीजे

विधानसभा चुनाव2013

भाजपा-अंचल सोनकर-67167

कांग्रेस-लखन घनघोरिया-66012

विधानसभा चुनाव -2008

कांग्रेस-लखन घनघोरिया-51934

भाजपा-अंचल सोनकर-45232

कितने लोगों ने किया मताधिकार का प्रयोग

चुनाव आयोग के मुताबिक 2018 में मध्य प्रदेश में कुल 5,03,94,086 मतदाता हैं जिनमें महिला मतदाताओं की संख्या 2,40,76,693 और पुरुष मतदाताओं की संख्या 2,62,56,157 रही. पुरुष मतदाताओं  का वोटिंग प्रतिशत 75.98 रहा तो वहीं महिला मतदाताओं का वोटिंग प्रतिशत 74.03 रहा. इस बार मध्य प्रदेश में 75.05 फीसदी मतदान हुआ. 2013 में 72.07 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था.

वोटिंग में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी

चुनाव आयोग के मुताबिक इस बार मध्य प्रदेश में 75.05 फीसदी मतदान हुआ. जबकि 2013 में 72.07 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था. इस बार महिलाओं का मतदान प्रतिशत पिछले चुनाव के मुकाबले करीब 4 फीसदी बढ़कर 74.03 प्रतिशत रहा. 2013 में महिलाओं का मतदान प्रतिशत 70.11 रहा था.

इसके पहले कैसा रहा है वोटिंग का प्रतिशत

1990 में स्व. सुंदरलाल पटवा के नेतृत्व में बीजेपी मैदान में उतरी और 4.36 फीसदी वोट बढ़ गए. तत्कालीन कांग्रेस की सरकार को हार का सामना करना पड़ा था. इसके बाद 1993 में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस चुनाव में उतरी तो 6.03 प्रतिशत मतदान बढ़ा और बीजेपी की पटवा सरकार हार गई थी.

Advertisement

वहीं, 1998 में वोटिंग प्रतिशत 60.22 रहा था जो 1993 के बराबर ही था. उस वक्त दिग्विजय सिंह की सरकार बनी. लेकिन 2003 में उमा के नेतृत्व में बीजेपी सामने आई और दिग्विजय सिंह की 10 साल की सरकार सत्ता से बाहर हो गई. उस वक्त भी 7.03 प्रतिशत वोट बढ़े थे.

To get latest update about Madhya Pradesh elections SMS MP to 52424 from your mobile . Standard  SMS Charges Applicable

Advertisement
Advertisement