ही नही बल्कि पूरी दुनिया पेशावर में हुये से ग़मज़दा है. भारत की सरकार ही नहीं, यहां के बच्चे-बच्चे तक इस दर्द का अहसास पहुंचा है. लेकिन उधर पाकिस्तान में आतंक को पनाह देने वालों ने सरकार की नाक के नीचे वही पुराना राग फिर छेड़ा है. बेशर्मी की हद होती है. हम पाकिस्तान के ग़म में शरीक होकर उसे आतंक के खिलाफ लड़ने का हौसला दे रहे हैं और मुंबई हमले का मुख्य आरोपी हाफिज सईद पेशावर के आर्मी स्कूल में हुए हमले के लिये भारत को ही ज़िम्मेदार ठहरा रहा है.
हैरानी की बात ये है कि पेशावर हमले के बाद पाक पीएम नवाज शरीफ ने आतंकवाद का खात्मा करने का ऐलान किया, लेकिन पाकिस्तान की सरजमीं से ही भारत के खिलाफ आतंकी साजिश रची जा रही है. हाफिज सईद के मंसूबों को लेकर आईबी ने एक अहम अलर्ट जारी किया है. ख़बर है कि वो ओबामा के भारत दौरे के बीच हमले की साजिश रच रहा है. भारत में कई आतंकी हमलों को अंजाम तक पहुंचाने वाला हाफिज सईद उसी पाकिस्तान सरकार के संरक्षण में पनाह लिये हुये है जो आतंकवाद को नेस्तूनाबूद करने की कसमें खा रही है.
आईबी के मुताबिक 15 जनवरी तक कभी भी देश की राजधानी दिल्ली और आर्थिक राजधानी मुम्बई में आतंकी किसी वारदात को अंजाम दे सकते हैं. देश के बड़े होटल और रेलवे स्टेशन जैसे ठिकानों को अपना निशाना बना सकते हैं. ये सब हो रहा है पेशावर में हुए हमले के दो दिन बाद ही.
यकीन नहीं आता कि पेशावर हमले पर आंसू बहाने वाले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ आतंकवाद के मसले पर दोहरा चरित्र क्यों अपना रहे हैं? एक तरफ पाक पीएम पूरी दुनिया के सामने आतंकवाद से लड़ने का ऐलान करते हैं और दूसरी तरफ आतंकी सरगना हाफिज सईद की खातिरदारी भी करते नज़र आते हैं. पाकिस्तानी सरकार आतंकवाद के मुद्दे पर कितनी गंभीर है यह उसके दोगलेपन से साफ हो जाता है. आतंकवाद से लड़ाई के उसके वादे झूठे और बातें बेमानी हैं.