रेलवे के किराए में सकरार ने दस साल बाद भारी बढ़ोत्तरी करने के बाद देशभर में इस फैसले का विरोध होने लगा है. लगभग सभी विपक्षी दल सरकार के इस फैसले से नाखुश हैं. यात्रियों ने भी इस फैसले पर नाराजगी जाहिर की है.
टीएमसी, बीजेपी और लेफ्ट का विरोध
तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी ने रेल किराया बढ़ाने जाने का विरोध किया है. उन्होंने कहा कि इस जनविरोधी फैसले के खिलाफ कोलकाता में प्रदर्शन किया जाएगा. भारतीय जनता पार्टी ने भी सरकार के इस फैसले पर नाराजगी जाहिर की है. बीजेपी की ओर से रेल के बढ़ाए गए किराए को तुरंत वापस लिए जाने की मांग की है. उधर, वामदलों ने भी रेल किरायों में बढ़ाए गए किराए पर कहा है कि सरकार देश को बर्बाद कर देगी. कीमतों में लगातार इजाफा जनविरोधी है.
डीएमके ने भी जताई आपत्ति
कई अहम मामलों में सरकार का साथ देने वाली डीएमके ने रेल यात्रा किराए की वृद्धि पर आंखें तरेरी हैं. डीएमके प्रमुख एम करुणानिधि ने सरकार के इस फैसले का कड़ा विरोध किया है. करुणानिधि ने कहा कि यह फैसला जनता की परेशानी बढ़ाने वाला है.