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जेपी नड्डा की कोलकाता रैली में ममता सरकार ने लगाया अड़ंगा

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा की रैली को पहले इजाजत नहीं दी, फिर बाद में रैली की परमिशन मिल गई.

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बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा (फाइल फोटो, क्रेडिट- फेसबुक)
बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा (फाइल फोटो, क्रेडिट- फेसबुक)

  • जेपी नड्डा की रैली को पहले पुलिस ने नहीं दी इजाजत
  • बाद में प्रशासन ने बदला फैसला, रैली की मिली मंजूरी

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा की रैली पर ममता बनर्जी सरकार ने अडंगा लगाने की कोशिश की, हालांकि बाद में रैली की इजाजत दे दी. दरअसल पहले कोलकाता पुलिस ने सोमवार की रैली के लिए परमिशन देने से इनकार कर दिया था, हालांकि बाद में इजाजत दे दी. जेपी नड्डा की रैली 23 दिसंबर को होनी है.

कोलकाता पुलिस ने कोलकाता में जिस जगह रैली होने वाली थी, वहां निर्माण पर रोक लगा दी थी. पहले से प्रस्तावित इस रैली में हजारों की संख्या में लोग आने वाले हैं, जिसके मद्देनजर पार्टी कार्यकर्ता पहले ही ग्राउंड पर जुटे हुए थे. पुलिस ने किसी भी तरह के निर्माण से पहले रोका, बाद में इजाजत दे दी.

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भारतीय जनता पार्टी पश्चिम बंगाल में पूरी तरह से पांव जमाने की कोशिश में है. लोकसभा चुनावों में बेहतर नतीजे मिलने के बाद अब बीजेपी की नजर पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों पर भी है.

केंद्र सरकार की नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ उधर नागरिकता कानून पर तृणमूल कांग्रेस की मुखिया और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हमलावर हैं. ममता बनर्जी कई बार सार्वजनिक मंचों से दावा कर चुकी हैं पश्चिम बंगाल में किसी भी कीमत पर एनआरसी लागू नहीं करेंगे, वहीं बीजेपी एनआरसी पूरे देश में कराना चाहती है.

दरअसल लोकसभा में नागरिकता संशोधन बिल पेश करने के दौरान असम में एनआरसी फेल होने के आरोप पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था, 'जब हम एनआरसी लेकर आएंगे, देश के अंदर एक भी घुसपैठिया नहीं बचेगा. किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है.'

एआईएमआईएम (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) सांसद असदुद्दीन ओवैसी के आरोप पर अमित शाह ने आगे कहा, 'एनआरसी का कोई बैकग्राउंड बनाने की जरूरत नहीं है. हम इस पर बिल्कुल साफ हैं कि देश में एनआरसी होकर रहेगा. कोई बैक ग्राउंड बनाने की जरूरत नहीं है. हमारा घोषणा पत्र ही बैकग्राउंड है.

अब देखने वाली बात होगी ममता बनर्जी के गढ़ में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा की रैली कितना प्रभावित होती है, साथ ही वे किस हद तक एनआरसी का वादा करके पश्चिम बंगाल में बीजेपी के लिए रास्ता मजबूत कर सकते हैं.

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