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हत्या, अपहरण और बलात्कार...पढ़िए अनंत सिंह की क्राइम कुंडली

लोगों के बीच 'छोटे सरकार' के नाम से चर्चित बिहार में जेडीयू के विधायक अनंत सिंह की गिरफ्तारी से राज्य की सियासत में एक नई हलचल पैदा हो गई है. मर्सिडीज से लेकर बग्घी तक की सवारी करने वाले अनंत सिंह को हत्या और अपहरण के मामले में गिरफ्तार किया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले बाहुबली अनंत सिंह के राजनीतिक और आपराधिक करियर पर एक नजर...

जेडीयू विधायक अनंत सिंह (फाइल फोटो) जेडीयू विधायक अनंत सिंह (फाइल फोटो)

लोगों के बीच 'छोटे सरकार' के नाम से चर्चित बिहार में जेडीयू के विधायक अनंत सिंह की गिरफ्तारी से राज्य की सियासत में एक नई हलचल पैदा हो गई है. मर्सिडीज से लेकर बग्घी तक की सवारी करने वाले अनंत सिंह को हत्या और अपहरण के मामले में गिरफ्तार किया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले बाहुबली अनंत सिंह के राजनीतिक और आपराधिक करियर पर एक नजर...

बुधवार को बिहार पुलिस ने जिस मामले में अनंत सिंह को गिरफ्तार किया है वह चार युवकों के अपहरण और उनमें से एक की हत्या का है. असल में सारा घटनाक्रम उस समय शुरू हुआ जब बीते 17 जून को पटना के बाढ़ बाजार क्षेत्र में चार युवकों ने एक महिला से छेड़छाड़ कर दी. इसको लेकर काफी हंगामा हुआ. आरोप है कि अनंत सिंह के इशारे पर उनके गुर्गों ने चारों युवकों को अगवा कर लिया. जिनमें से एक युवक की दर्दनाक तरीके से हत्या कर दी गई थी. अगले दिन उसका शव जंगल में पड़ा मिला था.

मामले में पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था और बाकी तीनों अपहृत युवकों को भी बरामद कर लिया था. पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि विधायक ने चारों युवकों को सबक सिखाने का आदेश दिया था, लेकिन वे बाकी युवकों को मारते इससे पहले ही पुलिस वहां पहुंच गई.

नीतीश ने चुनाव जीतने के लिए लिया अनंत का सहारा
2005 पहली बार चुनाव जीतने वाले मोकामा के इस ‘डॉन’ की सरकार अलग ही चलती है. उसके खिलाफ कई आपराधिक मामले भी सामने आए लेकिन सरकार के दबाव के चलते पुलिस उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर सकी. 2005 में लालू प्रसाद यादव के खिलाफ चुनाव लड़ने के दौरान नीतीश ने बिहार को अपराधियों से मुक्त करने का वादा तो किया लेकिन चुनाव जीतने के लिए अनंत का ही सहारा लिया.

सत्ता में आने के बाद बिहार में 80,000 से ज्यादा अपराधियों को अदालतों की ओर से दोषी करार दिया गया. हजारों अपराधी जेल भेजे गए जिनमें लालू प्रसाद का करीबी मोहम्मद शहाबुद्दीन भी शामिल था लेकिन अनंत सिंह को छूने की हिम्मत किसी में नहीं हुई. चुनाव जीतने के साथ ही अनंत सिंह ने खुद को बाहुबली के तौर पर स्थापित करने की कोशिश शुरू की.

बलात्कार और हत्या के मामले में भी सामने आया नाम
वर्ष 2007 में एक महिला से बलात्कार और हत्या के मामले में अनंत सिंह के शामिल होने की बात सामने आई. जब इस संबंध में न्यूज चैनल के एक पत्रकार ने उनसे सवाल किया तो बाहुबल के नशे में चूर विधायक ने उन्हें जमकर पीटा . मामले ने तूल पकड़ा और विधायक की गिरफ्तारी भी हुई लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चुप्पी साध ली.

अपनी ही पार्टी का विधायक आगे झुके थे अनंत सिंह..
साल 2013 में अनंत सिंह पर पटना के पॉश पाटलिपुत्र कॉलोनी स्थित अपने होटल के सामने अतिक्रमण करने का आरोप भी लग चुका है. हालांकि जब बवाल बढ़ा तो बाहुबली ने जमीन खाली कर दी. दिलचस्प बात यह है कि अपनी दबंग छवि से आतंक पैदा करने वाले और लोगों को झुकने पर मजबूर करने वाले अनंत सिंह को अपनी पार्टी की ही एक विधायक और समाज कल्याण मंत्री परवीन अमानुल्ला की वजह से पीछे हटने को मजबूर होना पड़ा था. आरटीआई एक्टिविस्ट से मंत्री बनीं परवीन अमानुल्ला बिना किसी सुरक्षा के अनंत सिंह के होटल के सामने जा पहुंचीं थीं और होटल के अधिकारियों को तुरंत अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे.

विधायक बनने के साथ ही बढ़ गई संपत्ति
विधायक बनने के पांच साल बाद ही अनंत सिंह की संपत्ति कई गुना बढ़ गई है. 2005 में अनंत सिंह ने अपने चुनावी हलफनामे में 3.40 लाख रुपये की मामूली संपत्ति होने की घोषणा की थी, जो 2010 में बढ़कर 38.84 लाख रुपये तक पहुंच गई. अब तक सार्वजनिक तौर पर ऐसी कोई जानकारी सामने नहीं आई है कि उनसे कभी इस दुर्लभ तरीके से और तत्काल अमीर बनने के बारे में कोई सवाल किया गया हो.

लालू का घोड़ा लेकर मेले में पहुंचे!
2007 में जानवरों के मेले में वह लालू यादव का घोड़ा लेकर पहुंचे थे. अनंत सिंह को पता था कि लालू उन्हें अपना घोड़ा नहीं बेचेंगे, इसलिए उन्होंने किसी और के जरिए घोड़ा खरीदा था. अजगर पालने जैसी अपनी सनक के लिए चर्चित ये विधायक महोदय पहले भी कई विवादों में फंस चुके हैं. मसलन, दूसरे की मर्सिडीज का मनमाने ढंग से दबावपूर्वक इस्तेमाल करना या फिर एक कार्यक्रम के दौरान हवाई फायरिंग करना भी उनके रिकॉर्ड में दर्ज है.

पेट्रोल बचाने के लिए मर्सिडीज छोड़ बग्घी चलाई
अनंत ने पेट्रोल बचाने के लि‍ए अपने मर्सिडीज छोड़कर घोड़ा-बग्‍गी चलाई. हमेशा वि‍वादों में घि‍रे रहने वाले अनंत सिंह ने वि‍धानसभा जाने के लि‍ए घोड़ा-बग्‍गी का इस्‍तेमाल कि‍या. अनंत सिंह का कहना था कि मैंने अपने लि‍ए ये बग्‍गी दि‍ल्‍ली में बनवाई थी, इसे कुछ साल पहले मैंने घर मंगवाया. इसके बाद से लगातार मैं घोड़ा-बग्‍गी चलाता रहता हूं क्‍योंकि इसमें पेट्रोल की जरूरत नहीं होती.

पूर्व CM मांझी ने भी लगाए हैं गंभीर आरोप
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह अपने बाहुबली विधायक अनंत सिंह से मेरी हत्या करवाने की साजिश रच रहे हैं. मुख्यमंत्री पद से हटने पर मजबूर किए जाने के बाद मांझी ने कहा, 'बिहार सरकार अपराधियों को खूब तवज्जो दे रही है. नीतीश कुमार और बाहुबली अनंत सिंह में खूब बनती है. जो विधायक मेरे समर्थन में थे उन्हें अनंत सिंह से धमकी मिलती थी. नीतीश के इशारे पर अनंत सिंह मेरी हत्या कर सकता है.'

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