बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर अवैध स्कूलों को बंद करने की कर्नाटक सरकार की मुहिम तेज हो गई है. हाल ही में एक स्कूल में तीन साल की बच्ची के साथ हुए रेप के बाद कर्नाटक सरकार ने ये कदम उठाया है. राज्य में उन स्कूलों का पता लगाया जा रहा है जो अवैध रूप से चल रहे हैं.
बेंगलुरु के जिस स्कूल में 3 साल की बच्ची के साथ रेप की घटना सामने आई थी, उस स्कूल पर भी ताला लगा दिया गया है और स्कूल में पढ़ रहे छात्रों को दूसरे स्कूल में एडमिशन लेने के लिए कहा गया है. कमिश्नर (पब्लिक इंस्ट्रक्शन) मोहम्मद मोहसिन ने बताया कि इस स्कूल में करीब 700 बच्चे थे जिन्हें अलग अलग स्कूलों में एडमिशन लेने के लिए कहा गया है.
कर्नाटक सरकार के इस फैसले से अवैध स्कूल तो बंद हो जाएंगे लेकिन इससे कई बच्चे प्रभावित होंगे. कर्नाटक के शिक्षा मंत्री किम्माने रत्नाकर के मुताबिक उन्होंने करीब 2000 अवैध स्कूलों का पता लगाया है जिन्हें जल्द से जल्द बंद किया जाएगा.
सरकार के इस फैसले से कई प्राइवेट स्कूल नाराज हो गए हैं. उनका कहना है कि कन्नड मीडियम ना पढ़ाने की वजह से सरकार उनके स्कूल को निशाना बना रही है. वहीं बच्चों के माता-पिता का कहना है कि साल के बीच में ऐसा कदम उठाए जाने से बच्चों और उनके अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा.
अवैध स्कूलों को बंद करने का कदम बच्चों के भविष्य के लिए खतरा ना बन जाए, ऐसे में कर्नाटक सरकार के लिए ऐसी स्थिति से निपटना एक बड़ी चुनौती होगी.