जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने जेएनयू में देशद्रोह को लेकर गृहमंत्री राजनाथ सिंह के ताजा बयान पर निशाना साधा है. अब्दुल्ला ने लगातार चार ट्वीट कर लिखा है कि राजनाथ सिंह ने जेएनयू में नारे लगानेवालों के सिर पर जमात उद दावा के प्रमुख हाफिज सईद का हाथ बताया है, यह गंभीर आरोप हैं. अगर उनके पास इसके सबूत हैं तो दिखाएं.
अपने ट्वीट में उमर अब्दुल्ला ने लिखा, ' की ओर से जेएनयू के प्रदर्शनकारी छात्रों पर बहुत गंभीर आरोप लगाए गए हैं. इसके सबूत सबके सामने पेश किए जाने चाहिए.' अब्दुल्ला ने चुनौती देते हुए कहा है कि राजनाथ सिंह को जेएनयू मामले से के सबूतों के साथ जनता के बीच जाना चाहिए. अब्दुल्ला ने ट्वीट किया है कि जेएनयू के छात्रों के सिर पर हाफिज सईद का हाथ बताए जाने से विवाद का स्तर बहुत नीचे चला गया है. एनडीए सरकार के लिए यह बहुत मुश्किल साबित होने वाला है.
That supported the protests is a very serious charge to level against the students. The evidence must be shared with all.
— Omar Abdullah (@abdullah_omar)
The Home Minister must go public with the evidence collected that enabled him to level this charge against the students
— Omar Abdullah (@abdullah_omar)
Cracking down on students & using to justify the crack down is a new low, even for this NDA government.
— Omar Abdullah (@abdullah_omar)
जेएनयू विवाद के पीछे हाफिज सईद
गौरतलब है कि इसके पहले गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इलाहाबाद में कहा था कि जेएनयू की घटना के पीछे हाफिज सईद का हाथ है. सिंह ने कहा था, 'जेएनयू की घटना को लश्कर-ए-तैयबा के चीफ हाफिज सईद का समर्थन प्राप्त था.' उन्होंने कहा कि जेएनयू में जो हुआ, वह था. पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रहे केशरी नाथ त्रिपाठी की पत्नी के निधन पर संवेदना जताने के लिए वह उनके घर पहुंचे थे. सिंह ने कहा था कि मामले का राजनीतिकरण कर विपक्षी दल लाभ पाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि राष्ट्रहित के मसले पर सबको एक आवाज में बोलना चाहिए.
बख्शे नहीं जाएंगे पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा लगाने वाले
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ऐसे देशविरोधी तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने बेकसूरों पर किसी भी कार्रवाई के नहीं होने का भरोसा भी दिया था. सिंह ने यह बात शनिवार को उनसे मिलने गए के नेताओं से भी कहा था. इसके पहले गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने भी कहा था कि जेएनयू को देशविरोधी गतिविधियों का अड्डा बनने नहीं दिया जाएगा.
स्पीकर बोलीं, सिर्फ आरोप लगाने से नहीं निकलेगा हल
इस बीच लोकसभा की स्पीकर सुमित्रा महाजन ने उज्जैन में कहा कि पर हम मसबको मिलकर सोचने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि हमारे युवाओं और छात्रों में ऐसे विचार आखिर आते कैसे हैं. इस सब पर सोचने और कुछ करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि जेएनयू विवाद पर आरोप और प्रत्यारोपों से कोई हल नहीं निकलने वाला है.