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इंफोसिस की तीन महीने की तलाश पूरी, सलिल पारेख होंगे नए CEO

तीन महीने की खोज के बाद आखिरकार इंफोसिस को नया सीईओ मिल गया. देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस ने सलिल एस. पारेख को अपना मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक नियुक्त किया है. इंफोसिस ने एक बयान में कहा कि पारेख दो जनवरी 2018 को अपना पदभार ग्रहण करेंगे. विशाल सिक्का के इस्तीफा देने के बाद से कंपनी नए सीईओ की तलाश में थी.

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सलिल एस पारेख
सलिल एस पारेख

तीन महीने की खोज के बाद आखिरकार इंफोसिस को नया सीईओ मिल गया. देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस ने सलिल एस. पारेख को अपना मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक नियुक्त किया है. इंफोसिस ने एक बयान में कहा कि पारेख दो जनवरी 2018 को अपना पदभार ग्रहण करेंगे. विशाल सिक्का के इस्तीफा देने के बाद से कंपनी नए सीईओ की तलाश में थी.

30 साल का है अनुभव

कंपनी के निदेशक मंडल के चेयरमैन नंदन नीलेकणि ने कहा कि पारेख के पास आईटी सेवा क्षेत्र में लगभग तीन दशक काम करने का अनुभव है. कई कारोबारों को बनाने और कई अधिग्रहणों को सफलतापूर्वक प्रबंध करने का उनका शानदार रिकॉर्ड है. उन्होंने कहा कि निदेशक मंडल का मानना है कि ऐसे परिवर्तनकारी समय में इंफोसिस का नेतृत्व करने के लिए पारेख एकदम उचित व्यक्ति हैं.

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2 जनवरी को ज्वाइन करेंगे कंपनी

इससे पहले पारेख कैपजेमिनी में पूरे समूह के कार्यकारी निदेशक मंडल के सदस्य रह चुके हैं. पारेख ने कॉर्नेल विश्वविद्यालय से कंप्यूटर साइंस एवं मैकेनिकल इंजीनियरिंग में परास्नातक किया है. उनकी स्नातक की पढ़ाई आईआईटी, मुंबई से हुई है. स्नातक में उनका विषय एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग था. अभी यू. बी. प्रवीण राव कंपनी के अंतरिम मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक हैं. दो जनवरी को पारेख के पदभार ग्रहण करने के बाद वह कंपनी के मुख्य परिचालन अधिकारी बने रहेंगे.

नारायण मूर्ति ने दी शुभकामनाएं

इंफोसिस के संस्थापक एनआर नारायण मूर्ति ने पारेख को कंपनी का नया सीईओ एवं एमडी नियुक्त करने पर खुशी जताई है. नारायण मूर्ति ने अपने बयान में कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि इंफोसिस ने सलिल पारेख को सीईओ के रूप में नियुक्त किया है. मेरी शुभकामनाएं उनके साथ है.

विशाल सिक्का ने दिया था इस्तीफा

यह दूसरी बार है जब इंफोसिस ने किसी बाहरी व्यक्ति को इस शीर्ष स्थान के लिए चुना है. इससे पहले सिक्का को 2014 में एसएपी से लाया गया था. वह 10 अरब डॉलर से अधिक की कंपनी के पहले गैर-संस्थापक सीईओ थे. अगस्त महीने में, विशाल सिक्का ने मूर्ति के नेतृत्व वाले इंफोसिस के संस्थापकों के साथ विवाद के बाद कंपनी के सीईओ पद से इस्तीफा दे दिया था.

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24 से अधिक थे उम्मीदवारों

53 वर्षीय पारेख का चयन तीन महीने की खोज के बाद दो दर्जन से अधिक उम्मीदवारों में से किया गया है. पारेख साल 2000 में कैपजेमिनी से जुड़े थे. पारेख को जानने वाले उन्हें विलय और अधिग्रहण में माहिर होने के साथ कारोबार को तरक्की की ओर ले जाने वाले प्रबंधक के रूप में मानते हैं.  

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