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आगरा में भारत-अमेरिका का संयुक्‍त सैन्‍य अभ्‍यास

भारत औऱ अमेरिका इन दिनों अपनी ताकत की आजमाइश कर रहे हैं. आज से दोनोमुल्क अपनी हवाई क्षमता आज़माने जा रहे हैं. जवानों को सैन्य साजो सामानके साथ हवाई रास्ते से कितनी जल्दी युद्ध के मैदान तक पहुंचाया जा सकता हैइसकी नुमाइश होगी इस साझा सैन्य अभ्यास में.

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भारत औऱ अमेरिका इन दिनों अपनी ताकत की आजमाइश कर रहे हैं. आज से दोनो मुल्क अपनी हवाई क्षमता आज़माने जा रहे हैं. जवानों को सैन्य साजो सामान के साथ हवाई रास्ते से कितनी जल्दी युद्ध के मैदान तक पहुंचाया जा सकता है इसकी नुमाइश होगी इस साझा सैन्य अभ्यास में.

ताकत और धार की होगी परख
इस दौरान नुमाइश होगी ताक़त की, परख होगी धार की. कितने तैयार हैं हम दुश्मनों का सामना करने को, उनकी तरेरती आंखों का क्या हम मुहतोड़ जवाब दे सकते हैं. भारत और अमेरिका के बीच चल रहे साझा सैन्य अभ्यास में दोनो मुल्कों की एयरफोर्स दिखाएंगी आसमानी ताकत. भारत औऱ अमेरिका का ये साझा अभ्यास आगरा में होना है जो कि इंडियन एयरफोर्स के ट्रांसपोर्ट एंड रिफ्यूलर एयरक्राफ्ट का हेडक्वाटर है.

सबसे बेहतरीन एयरक्राफ्ट होंगे तैनात
इस साझा अभ्यास के लिए दोनों मुल्क अपने सबसे बेहतरीन हेवी लिफ्ट एंड ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट तैनात करने वाले हैं. इंडियन एयरफोर्स के साथ ज्वाइंट एक्सरसाइज के लिए अमेरिका सी-130 जे हर्क्यूलस एयरक्राफ्ट भेज रहा है. सी-130 के अलावा अमेरिका सी-17 ग्लोब मास्टर एयरक्राफ्ट भी इस एक्सरसाइज के लिए भेजेगा. इस हेवी लिफ्ट एयरक्राफ्ट के जरिए दुनिया के किसी कोने में तेजी से पूरे सैनिक साजो-सामान के साथ जवानों की तैनाती की जा सकती है. सी-17 ग्लोबमास्टर 70 टन वजनी टैंकों को भी युद्द के मैदान में तैनाती के लिए उतार सकता है.

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