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भारत की पाकिस्तान को दो टूक- आतंकवाद पर सख्त तो दाऊद, सलाउद्दीन को सौंपे

भारत ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि अगर वो सच में आतंकवाद को लेकर गम्भीर है तो उसे दाऊद इब्राहिम और सैयद सलाउद्दीन को भारत को सौंप देना चाहिए.

दाऊद इब्राहिम और सैयद सलाउद्दीन (फाइल फोटो) दाऊद इब्राहिम और सैयद सलाउद्दीन (फाइल फोटो)

पुलवामा हमले से पनपे तनाव के बीच भारत ने पाकिस्तान को आतंकियों को लेकर एक नसीहत दी है. सूत्रों ने शनिवार को कहा है कि पाकिस्तान अगर आतंकवाद से निपटने को लेकर गंभीर है तो उसे कम से कम अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम, आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के सरगना सैयद सलाउद्दीन और ऐसे अन्य आतंकियों को भारत को सौंप देना चाहिए जो भारतीय नागरिक हैं और वहां (पाकिस्तान) में रह रहे हैं.

आतंकियों पर एक्शन दिखावा

उन्होंने कहा है कि पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान का कुछ आतंकियों को हिरासत में लेना महज उसका दिखावा है. ऐसे दिखावे से कुछ नहीं होने वाला है. सच तो यह है कि पाकिस्तान ने हमले के लिए जिम्मेदार आतंकी संगठन ‘जैश-ए-मोहम्मद’ पर ठोस एक्शन नहीं लिया है. अगर पाकिस्तान वास्तव में यह संदेश देना चाहता है कि वह आतंकवाद पर भारत की चिंताओं को हल करना चाहता है तो उसे दाऊद, सलाउद्दीन और ऐसे अन्य आतंकियों को सौंप देना चाहिए जो भारतीय नागरिक हैं और आतंकी घटनाओं के सिलसिले में भारत में वांछित हैं.

पाकिस्तान पड़ा अलग-थलग

सूत्रों ने कहा कि भारत ने इस्लामाबाद से कई महत्वपूर्ण ब्यौरे साझा किए हैं, जिनमें पाकिस्तान की धरती से संचालित आतंकी संगठनों के बारे में जानकारी शामिल है, इनकी पुष्टि चाहे तो कोई तीसरा पक्ष भी कर सकता है. पुलवामा हमले के बाद भारत ने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान पर राजनयिक दबाव बढ़ाते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसे अलग-थलग करने का प्रयास किया है.

मसूद पर बैन तक संयम रखेगा भारत

जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकियों की सूची में डालने में कितना भी समय लगे भारत चीन के साथ संयम बरतने को तैयार है, लेकिन आतंकवाद पर अपनी स्थिति के साथ कोई समझौता नहीं करेगा. आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी.

गौरतलब है कि यूएनएससी में जैश सरगना को बैन करने के प्रस्ताव पर बुधवार को चीन ने एक बार फिर रोक लगा दी. भारत ने चीन के इस कदम को निराशाजनक करार दिया था. पुलवामा हमले में सीआरपीएफ के 40 जवानों के शहीद होने के बाद यह प्रस्ताव लाया गया था, जिसकी जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी. चीन ने पिछले 10 साल में चौथी बार मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव पर रोक लगाई है.

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