भारत- पाकिस्तान सरहद और भारत-बांग्लादेश बॉर्डर की निगरानी करने वाले बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स के जवान पिछले 5 सालों के मुकाबले इस सबसे ज्यादा शहीद हुए हैं. गृह मंत्रालय ने लोकसभा में लिखित जवाब देते हुए केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने बताया है कि इस साल 30 नवंबर तक अंतर्राष्ट्रीय सीमा यानी भारत- पाकिस्तान सीमा पर निगरानी कर रहे 12 बीएसएफ के जवान शहीद हुए हैं.
वहीं अगर पिछले चार सालों यानी 2017, 2016, 2015 और 2014 की बात करें तो क्रमशः के जवान 2, 3, 1, और 2 जवान शहीद हुए वहीं वर्ष 2013 में 2 जवान शहीद हुए थे. आपको बता दें कि भारत- पाक सीमा की लंबाई 3323 किलोमीटर है. इसमें जम्मू- कश्मीर की पाकिस्तान से जुड़ने वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा के एरिया में इस साल पाक हमले में 12 जवान शहीद हुए हैं.
हाल ही में बीएसएफ ने अपनी वार्षिक प्रेस कांफ्रेंस में कहा था कि पाक बैट एक्शन टीम के हमले और पाक स्नाइपिंग हमले जो पाकिस्तान की तरफ से इंटरनेशनल बॉर्डर पर हो रहे हैं उसका पिछले पांच साल का बीएसएफ साइंटिफिक एनालिसिस करवाएगी. इसके आधार पर भविष्य की रणनीति तय करेगी कि इस तरीके की घटनाओं से कैसे निपटा जाए.
दरअसल ये सब बीएसएफ इसलिए कर रहा है क्योंकि जम्मू-कश्मीर के पर रामगढ़ सेक्टर में बीएसएफ जवान की वीभत्स हत्या की गई थी. कांस्टेबल नरेंद्र कुमार की हत्या पाकिस्तानी बैट फोर्स ने की थी. पाकिस्तान बैट फोर्स ने केवल बीएसएफ जवान के सीने में ना केवल तीन गोलियां मारी थीं बल्कि उसके गले को भी धारदार हथियार से काट दिया था.
पूर्व बीएसएफ डीजी केके शर्मा ने उस समय ये जानकारी दी थी कि पाकिस्तान की बैट फोर्स ने हेड कांस्टेबल नरेंद्र कुमार को झाड़ियों का फायदा उठाते हुए कब्जे में ले लिया, इसके बाद जवान पर हमला किया. पाक बैट टीम फिर उसे अपनी सीमा में ले गई. कांस्टेबल नरेंद्र कुमार के बाद बीएसएफ ने अब ये तय किया है कि पिछले 5 सालों के बैट और स्नाइपिंग के साइंटिफिक आंकड़े लेकर उस पर नए तरीके से कदम उठाएगी.