देशभर में बाघों के संरक्षण के लिए चल रहे कार्यक्रमों के बावजूद इस वन्य जीव की अप्रत्याशित मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है. पिछले 7 महीनों में देश में 41 बाघों की मौत हो चुकी है.
इस साल जनवरी से लेकर 9 अगस्त तक 41 बाघ मृत पाए गए. इतना ही नहीं, साल 2014 में भी इस अवधि में करीब इतने ही बाघों की मौत हुई थी. इन आंकड़ों को खुलासा नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी और TRAFFIC-इंडिया ने किया है. अंग्रेजी अखबार 'द टाइम्स ऑफ इंडिया' ने इस बारे में रिपोर्ट छापी है.
सुंदरवन में हुई थी 2 बाघ शावकों की मौत
पिछले पखवाड़े ही पश्चिम बंगाल के सुंदरवन टाइगर रिजर्व में 2 शावकों का शव पाया गया था. हालांकि टाइगर रिजर्व के अधिकारियों ने शावकों की मौत में किसी भी तरह की साजिश को खारिज किया था.