केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक एडवाइजरी जारी करके निर्देश दिया है कि एफआईआर दर्ज करते हुए अल्पसंख्यकों के साथ किसी तरह का भेदभाव न बरता जाए.
सभी राज्यों को दिया गया निर्देश
गृह मंत्रालय की तरफ से यह एडवाइजरी 12 अक्टूबर को जारी की गई है, जिसे सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिव को भेजा गया है. इस एडवाइजरी में मंत्रालय ने अपनी 2013 और 2014 की दो एडवाइजरी का हवाला देते हुए ये निर्देश दिया है. 
एफआईआर दर्ज करना जरूरी
गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों से कहा है कि कि ड्यूटी पर मौजूद पुलिस ऑफिस किसी संज्ञेय अपराध के बारे में सूचना मिलने पर एफआईआर जरूर दर्ज करे. वैसे मंत्रालय दो साल पहले एडवाइजरी जारी करके सभी राज्यों को निर्देश दे चुका है कि एफआईआर दर्ज न करने पर भारतीय दंड संहिता की धारा 166-ए के तहत ड्यूटी पर मौजूद पुलिस अधिकारी पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें एक साल तक के कारावास का प्रावधान है.