इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक तस्वीर पोस्ट की है. उनकी ये तस्वीर विवादों में आ गई है. इस तस्वीर में वो बीफ खाते दिख रहे हैं. इसकी जानकारी खुद रामचंद्र गुहा ने दी है. उन्होंने कहा है कि वे गोवा के दौरे पर हैं, और ओल्ड गोवा में एक शानदार सुबह गुजारने के बाद लंच में उन्होंने बीफ खाया.
रामचंद्र गुहा ने ट्वीट किया, "ओल्ड गोवा में जादुई सुबह गुजारने के बाद हमने पणजी में लंच किया, चूंकि गोवा बीजेपी शासित राज्य है, इसलिए जश्न में मैंने बीफ खाने का फैसला किया." गुहा ने गोवा की कई और तस्वीरें पोस्ट की हैं.
After a magical morning in Old Goa we had lunch in Panaji, where—since this is a BJP ruled state—I decided to eat beef in celebration: pic.twitter.com/5UezGXengG
— Ramachandra Guha (@Ram_Guha) December 7, 2018
बीजेपी के पूर्व सांसद बलबीर पुंज ने रामचंद्र गुहा के इस पोस्ट पर कड़ी आपत्ति जताई है. उन्होंने ट्वीट किया, "आप बीफ खाकर और सोशल मीडिया पर तस्वीरें पोस्ट कर लंच का आनंद नहीं ले रहे हैं, आप जान बूझकर लाखों लोगों के विश्वास का मजाक उड़ा रहे हैं, ये आपको सूट करता है, ये देखना मुश्किल नहीं है कि आपकी 'सेकुलर' मानसिकता ने कैसे आपको संवेदनहीन इंसान में बदल दिया है."
बता दें कि इतिहासकार रामचंद्र गुहा बीजेपी सरकार की नीतियों के प्रखर आलोचक रहे हैं. कुछ दिन पहले रामचंद्र गुहा ने गुजरात की अहमदाबाद यूनिवर्सिटी में पढ़ाने से इनकार कर दिया था.You are not enjoying a meal while eating beef and sharing the picture on social https://t.co/1yJ7yGAkMl are purposely mocking at the faith of millions. Suit yourself. How your ‘secular ‘ mindset has turned you into a totally insensitive human being is not difficult to see.
— Balbir Punj (@balbirpunj) December 7, 2018
अहमदाबाद यूनिवर्सिटी ने उन्हें पढ़ाने का ऑफर दिया था जिसका छात्र संगठन एबीवीपी ने विरोध किया था. एबीवीपी ने कहा था कि यूनिवर्सिटी को इंटेलेक्चुअल्स की जरूरत है, एंटीनेशनल्स की नहीं. इसके बाद गुहा ने यूनिवर्सिटी के ऑफर को ठुकरा दिया था.
पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के बाद भी रामचंद्र गुहा ने केंद्र की बीजेपी सरकार और आरएसएस पर हमला बोला था. उन्होंने कहा था कि आज भारत में स्वतंत्र लेखकों और पत्रकारों का उत्पीड़न किया जा रहा है और उन्हें सताया जा रहा है, उनकी हत्या की जा रही है. लेकिन, हमें चुप नहीं होना है.