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मौसम विभाग ने दी भारी बारिश और बाढ़ की चेतावनी, बिगड़ सकते हैं हालात

मौसम विभाग के मुताबिक, सितंबर के महीने में इस बार सामान्य के मुकाबले 102 फीसदी से लेकर 110 फीसदी के बीच बारिश होने की संभावना है.

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भारी बारिश और बाढ़ के आसार
भारी बारिश और बाढ़ के आसार

अगस्त और सितंबर में मानसून की झमाझम बारिश की पूरी संभावना है. मौसम विभाग ने मानसून के दूसरे हिस्से के लिए यानी अगस्त और सितंबर महीने के लिए चेतावनी जारी करके कहा है कि अगस्त के महीने सामान्य के मुकाबले 95 फीसदी से लेकर 113 फीसदी तक की बारिश की संभावना है.

इसका सीधा सा मतलब ये है कि अगस्त के महीने में सामान्य के मुकाबले 104 फीसदी के आसपास बारिश होगी यानी इस महीने में सामान्य के मुकाबले ज्यादा बारिश होने की पूरी संभावना है. अगस्त के बाद मानसून की बारिश का जोर बना रहेगा और सितंबर के महीने में इस बार मानसूनी घटाएं झूम कर बरसेंगी.

अगले दो महीनों में अच्छी बारिश की संभावना
मौसम विभाग के मुताबिक, सितंबर के महीने में इस बार सामान्य के मुकाबले 102 फीसदी से लेकर 110 फीसदी के बीच बारिश होने की संभावना है. इसका सीधा मतलब ये हुआ कि सितंबर के महीने में सामान्य के मुकाबले तकरीबन 106 फीसदी बारिश होने की सबसे ज्यादा संभावना है. गौरतलब है कि मौसम विभाग जून, जुलाई, अगस्त और सिंतबर में होने वाली बारिश को मानसून की बारिश मानता है. मानसून की बारिश का आधा सीजन गुजर चुका है और जून-जुलाई में मानसून की बारिश की सौ फीसदी बारिश हुई है. लिहाजा अगले दो महीनों में अच्छी बारिश की संभावना का सीधा अर्थ ये है कि इस बार मानसून की बारिश सामान्य से ज्यादा रहने की पूरी संभावना है.

मौसम विभाग की भविष्यवाणी
मौसम विभाग की भविष्यवाणी के मुताबिक अगस्त-सितंबर के दौरान देश भर में 107 फीसदी बारिश होने की संभावना है. इसमें 8 फीसदी की मॉडल इरर यानी चूक संभव है. इसका मतलब ये हुआ कि अगस्त-सितंबर के दौरान 99 फीसदी से लेकर 115 फीसदी तक बारिश संभव है.

आने वाले दिनों में बाढ़ का खतरा
अगस्त-सितंबर में बारिश सामान्य से ज्यादा रहने की संभावना का मतलब ये है कि उत्तर भारत, पूर्व भारत, मध्य भारत और पश्चिम भारत में बाढ़ की आशंका ज्यादा है. जानकारों के मुताबिक, जुन-जुलाई की बारिश सामान्य रहने का मतलब ये हुआ कि देश के ज्यादातर इलाकों में उतनी बारिश हो रही है जितनी होनी चाहिए. इसका सीधा सा अभिप्राय ये हुआ कि देश भर में ज्यादातर इलाकों में जमीन में पर्याप्त मात्रा में नमी मौजूद है. ऐसे में और ज्यादा बारिश को जमीन सोख नहीं पाएगी लिहाजा ज्यादातर इलाकों में बाढ़ का खतरा अगस्त सितंबर में बढ़ा रहेगा.

मानसून के सामान्य से ऊपर रहने की संभावना के पीछे मानसून के लिए दुनियाभर में बनी अनुकूल मौसमी परिस्थितियां है. मौसम विभाग के मुताबिक मानसून के बचे हुए महीनों में प्रशांत महासागर में न्यूट्रल तापमान बने रहेंगे. इसके अलावा इंडियन ओशन डायपोल यानी आईओडी के पॉजिटिव रहने की संभावना ज्यादा है.

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