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गुजरात सरकार ने आसाराम की जमानत याचिका का किया कड़ा विरोध

गुजरात सरकार ने सूरत की एक महिला के साथ दुष्कर्म के मामले में आसाराम की जमानत याचिका का विरोध किया है. सरकार ने इस मामले में हाईकोर्ट में एक एफिडेविट जमा किया है. सरकार ने कहा है कि आसाराम लड़कियों के साथ ओरल सेक्स करता था और अगर उसे जमानत पर रिहा किया गया तो वह सबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है.

आसाराम की फाइल फोटो आसाराम की फाइल फोटो

गुजरात सरकार ने सूरत की एक महिला के साथ दुष्कर्म के मामले में आसाराम की जमानत याचिका का विरोध किया है. सरकार ने इस मामले में हाईकोर्ट में एक एफिडेविट जमा किया है. सरकार ने कहा है कि आसाराम लड़कियों के साथ ओरल सेक्स करता था और अगर उसे जमानत पर रिहा किया गया, तो वह सबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है.

गुजरात सरकार ने हाईकोर्ट में न्यायाधीश एजे देसाई के सामने पेश अपने जवाब में जमानत का विरोध किया. सरकार ने आसाराम पर षड्यंत्र रचते हुए किशोरियों और महिलाओं के शारीरिक शोषण का आरोप लगाया है. इस एफिडेविट में गवाहों के बयान भी दर्ज हैं. एफिडेविट में कहा गया है कि आसाराम पहले इन लड़कियों चुनता था और फिर आश्रम की साधिकाओं की मदद से उनके साथ दुष्कर्म करता था.

एफिडेविट में सरकार ने आसाराम पर आरोप लगाया है कि वह लड़कियों को सम्मोहित करता था. वह लड़कियों के सम्मोहन के दौरान लड़कियों को 'गोपियां' और खुद को 'कृष्ण' कहता था. इसके बाद वह लड़कियों से दुष्कर्म करता था और कहा करता था कि यह 'शक्तिपात की क्रिया' है, जिससे वे अपने जीवन में ऊंचाई पर पहुंच सकती हैं. इस तरह का सम्मोहन करने के बाद आसाराम लड़कियों को आश्रम से निकलने नहीं देता था, इसलिए उसे जमानत नहीं दी जानी चाहिए.

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर ही 75 वर्षीय आसाराम ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी. उधर आसाराम के वकीलों का कहना है कि उनके खिलाफ जो एफिडेविट फाइल किया गया है, वो कानूनी तौर पर नया नहीं है और इसमें वही पुरानी बातें दोहराई गई हैं. वहीं सरकार ने एफिडेविट में ये भी कहा है कि अगर आसाराम को जमानत मिल जाती है तो वो सबूतों को नुकसान पहुंचा सकता है. आसाराम के वकीलों ने आरोप लगाया है कि इस मामले में 12 साल बाद केस दर्ज किया गया है और यह पुलिस व नेताओं की वजह से है.

गौरतलब है कि सूरत में रहने वाली दो महिलाओं ने पिछले साल अक्टूबर में आसाराम के खिलाफ अहमदाबाद के चांदखेड़ा पुलिस थाने में बलात्कार, आपराधिक षड्यंत्र तथा हथियार अधिनियम के धाराओं के तहत मामाला दर्ज कराया था. आसाराम को जोधपुर से ट्रांसफर वारंट के आधार पर गिरफ्तार किया था. आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र भी पेश किया जा चुका है. फिलहाल आसाराम जोधपुर की युवती के साथ दुष्कर्म के मामले में जोधपुर जेल में बंद है.

इससे पहले गुजरात हाई कोर्ट आसाराम के खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत रद्द करने की याचिका भी खारिज कर चुकी है. आसाराम के साथ उसका बेटा नारायण साईं भी दुष्कर्म मामले में ही सूरत की जेल में बंद है. पिछले दिनों निचली अदालत ने नारायण साईं की जमानत याचिका खारिज कर दी थी.

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