जाने-माने कन्नड़ साहित्याकार और एक्टर गिरीश कर्नाड का आज यानी सोमवार को निधन हो गया. उनके निधन पर केंद्रीय मंत्री सदानंद गौड़ा, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा और कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने दुख जताया है. इसके अलावा ट्विटर पर गिरीश कर्नाड को श्रद्धांजलि दी जा रही है.बता दें, मल्टीपल ऑर्गेन फेल्योर (एक साथ कई अंगों का काम करना बंद) के कारण गिरीश कर्नाड का निधन हो गया. कर्नाड लंबे समय से बीमार चल रहे थे. पिछले कुछ महीनों से उनका इलाज चल रहा था. गिरीश कर्नाड को 1978 में नेशनल अवॉर्ड और 1998 में साहित्य के प्रतिष्ठित ज्ञानपीठ अवॉर्ड से नवाजा गया था.
Girish Karnad, veteran actor and playwright, and Jnanpith awardee, passed away this morning. More details awaited
— ANI (@ANI)
गिरीश कर्नाड के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया और ट्वीट कर श्रद्धांजलि दी. प्रधानमंत्री ने कहा कि गिरीश कर्नाड अलग अलग तरह के रोल के लिए हमेशा याद किए जाते रहेंगे. उनके कार्य आने वाले समय में भी उतने ही लोकप्रिय रहेंगे.
PM Narendra Modi: Girish Karnad will be remembered for his versatile acting across all mediums. He also spoke passionately on causes dear to him. His works will continue being popular in the years to come. Saddened by his demise. May his soul rest in peace.
— ANI (@ANI)
कांग्रेस के मीडिया प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने अपने ट्वीट में लिखा कि गिरीश कर्नाड का निधन क्रिएटिविटी की दुनिया में अपूरणीय क्षति है जिसे कभी भरा नहीं जा सकता. केंद्रीय मंत्री सदानंद गौड़ा ने कन्नड़ में ट्वीट किया और मशूहर लेखक, एक्टर और निदेशक को श्रद्धांजलि दी.
Litterateur par-excellence, actor, director, playwright and activist- the passing away of Girish Karnad shall leave an irreplaceable void in the Indian creative arena.
My thoughts and prayers are with his family, friends and fans.
May his soul rest in peace.
— Randeep Singh Surjewala (@rssurjewala)
गौरतलब है कि ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता, थियेटर के प्रख्यात कलाकार, अभिनेता और नाटककार गिरीश कर्नाड का सोमवार को बेंगलुरु स्थित उनके अपने घर में निधन हो गया. कर्नाटक के मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से उनकी मृत्यु की पुष्टि की गई.
इससे पहले कर्नाड अप्रैल में अचानक सुर्खियों में आए थे जब पूरे देश से 600 से ज्यादा रंगकर्मियों ने मतदाताओं से 'बराबरी और सामाजिक न्याय के लिए वोट देने और अंधेरगर्द और बर्बर ताकतों को हराने का आग्रह किया था.' रंगकर्मियों ने अपने संयुक्त बयान में 'संविधान और धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने की रक्षा' के लिए वोट देने की अपील की. इन रंगकर्मियों में अमोल पालेकर, अरुं धति नाग, अस्ताद देबू, अर्शिया सत्तार, दानिश हुसैन, गिरीश कर्नाड, नसीरुद्दीन शाह, एम.के. रैना जैसे कलाकार शामिल हैं.
लेखक, अभिनेता और भारतीय रंगमंच के सशक्त हस्ताक्षर गिरीश कर्नाड के देहावसान के बारे में जानकर दुख हुआ है। उनके जाने से हमारे सांस्कृतिक जगत की अपूरणीय क्षति हुई है। उनके परिजनों और उनकी कला के अनगिनत प्रशंसकों के प्रति मेरी शोक-संवेदनाएं — राष्ट्रपति कोविन्द
— President of India (@rashtrapatibhvn)
गिरीश कर्नाड के निधन पर राष्ट्रपति ने भी दुख जताया और कहा कि उनके निधन से हमारी सांस्कृतिक दुनिया निर्धन हो गई. राष्ट्रपति ने कर्नाड के परिजनों से सांत्वना जाहिर की.