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अब मैसूर यूनिवर्सिटी में दिखे FREE KASHMIR के पोस्टर, देशद्रोह के तहत केस दर्ज

मैसूर विश्वविद्यालय के वीसी डॉ जी हेमंत कुमार ने कहा कि इस मामले में जांच के आदेश दे दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि एक कमेटी गठित कर दी गई है. रिपोर्ट के मुताबिक 2 लड़के इस पोस्टर को लिए हुए थे. विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि पोस्टर लहराने वाले एक युवक की पहचान कर ली गई है, लेकिन वो यूनिवर्सिटी का छात्र नहीं है.

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मैसूर विश्विविद्यालय के बाहर प्रदर्शन करते छात्र (फोटो-आजतक)
मैसूर विश्विविद्यालय के बाहर प्रदर्शन करते छात्र (फोटो-आजतक)

  • मैसूर विश्वविद्यालय में फ्री कश्मीर के पोस्टर
  • VC ने जांच के लिए कमेटी गठित की
  • आयोजक के खिलाफ देशद्रोह कानून के तहत केस

मुंबई के बाद मैसूर विश्वविद्यालय में फ्री कश्मीर के पोस्टर दिखे हैं. कर्नाटक के मैसूर विश्वविद्यालय में छात्र जेएनयू हिंसा के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे. बुधवार को सामने आई इस घटना के बाद यूनिवर्सिटी कैंपस में हंगामा हो गया. इस मामले में पुलिस ने विरोध प्रदर्शन का आयोजन करने वाले शख्स के खिलाफ देशद्रोह कानून के तहत मुकदमा दर्ज किया है.  यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इस मामले की जांच की बात कही है.

एक युवक की पहचान हुई

मैसूर विश्वविद्यालय के वीसी डॉ जी हेमंत कुमार ने कहा कि इस मामले में जांच के आदेश दे दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि एक कमेटी गठित कर दी गई है. रिपोर्ट के मुताबिक 2 लड़के इस पोस्टर को लिए हुए थे. विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि पोस्टर लहराने वाले एक युवक की पहचान कर ली गई है, लेकिन वो यूनिवर्सिटी का छात्र नहीं है. जबकि दूसरे युवक की पहचान की जा रही है. डॉ जी हेमंत कुमार ने कहा है कि पुलिस ने विश्वविद्यालय को प्रदर्शन के विजुअल दे दिए हैं और उसकी जांच की जा रही है.

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अवांछित तत्व ऐसा कर रहे हैं

कर्नाटक के गृह मंत्री बासवराज बोम्मई ने फ्री कश्मीर पोस्टर पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग अवांछित तत्व ऐसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि ऐसा करने वाले लोग सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान की मदद करना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि वे इस बावत मैसूर के कमिश्नर से बात कर रहे हैं.

कांग्रेस को RSS पर शक

इस घटना पर कांग्रेस प्रवक्ता बृजेश कलप्पा ने कहा है कि अगर उनके गृह नगर में किसी ने इस तरह के पोस्टर लहराए हैं तो ये विचित्र बात है. उन्होंने कहा कि पुलिस को इस बारे में ये जांच करना चाहिए कि क्या ऐसा करने वाले लोग आरएसएस से तो जुड़े नहीं हैं. अगर ऐसा नहीं है तो ऐसा करने वाले शख्स को सजा देनी चाहिए. आगे उन्होंने यह भी कहा कि यदि पोस्टर लहराने वाला शख्स ये कहना चाहता है कि कश्मीर भारत का हिस्सा तो है, लेकिन वहां से पाबंदियां हटनी चाहिए तो इस बारे में भी सफाई दी जानी चाहिए.  कांग्रेस ने कहा कि उन्हें लगता है कि ये आरएसएस का काम है.

गेटवे ऑफ इंडिया पर FREE KASHMIR के पोस्टर

बता दें कि मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया पर भी जब जेएनयू हिंसा के खिलाफ प्रदर्शन हो रहा था तो वहां भी फ्री कश्मीर के पोस्टर दिखे थे. इस बात को लेकर काफी हंगामा हुआ, बाद में मुंबई पुलिस ने फ्री पोस्टर लहराने वाली लड़की के खिलाफ केस दर्ज किया था. 

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