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दिनेश्वर शर्मा ही कश्मीर मुद्दे को लेकर सरकार की पसंद क्यों? ये है वजह

जानकारी के मुताबिक दिनेश्वर शर्मा एनएसए अजीत डोभाल के सबसे खास और विश्वासपात्र रहे हैं. केरल कैडर के आईपीएस अधिकारी दिनेश्वर शर्मा जब एनएसए अजीत डोभाल आईबी में डायरेक्टर थे उसी दौरान कश्मीर का काम देखते थे और कश्मीर के कई आतंकी ऑपरेशन को उस दौरान अंजाम दिया था.

दिनेश्वर शर्मा ने राजनाथ सिंह से की मुलाकात (फोटो ANI) दिनेश्वर शर्मा ने राजनाथ सिंह से की मुलाकात (फोटो ANI)

आईबी में स्पेशल डायरेक्टर के तौर पर काम करने के साथ-साथ 31 दिसंबर 2016 को आईबी चीफ के तौर पर सेवानिवृत्त हुए दिनेश्वर शर्मा 1979 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. दिनेश्वर शर्मा बिहार के गया जिले के रहने वाले हैं, कूटनीतिक तौर पर मोदी सरकार में इनको एक समझदार खिलाड़ी के तौर पर माना जाता रहा है.

जानकारी के मुताबिक दिनेश्वर शर्मा एनएसए अजीत डोभाल के सबसे खास और विश्वासपात्र रहे हैं. केरल कैडर के आईपीएस अधिकारी दिनेश्वर शर्मा जब एनएसए अजीत डोभाल आईबी में डायरेक्टर थे उसी दौरान कश्मीर का काम देखते थे और कश्मीर के कई आतंकी ऑपरेशन को उस दौरान अंजाम दिया था.

बताया जाता है कि अलगाववादी नेताओं पर शिकंजा कसने में उस दौरान दिनेश्वर शर्मा काफी सफल हुए थे. कश्मीर में खुफिया ब्यूरो के अधिकारी के तौर पर तो दिनेश्वर शर्मा ने काम किया. साथ ही कश्मीर की हर एक नब्ज पर पकड़ रखने वाले दिनेश्वर शर्मा को यह पता है कि कश्मीर की कौन सी नस को दबाने से किस जगह हलचल होगी. आईबी के डायरेक्टर रहने के दौरान दिनेश शर्मा ने पत्थरबाजी पर लगाम लगाने की बड़ी कोशिश थी. जिसमें कई पत्थरबाजी गैंग के लोगों पर शिकंजा भी कसा गया.

दिनेश्वर शर्मा की खास बात यह है कि उनकी कश्मीर के सिविल सोसाइटी में गहरी पैठ है.  साथ ही उन्होंने कश्मीर के युवाओं को भारत की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कई बड़े काम भी किए. दिनेश्वर कूटनीतिक और समझदार खिलाड़ी माने जाने के साथ ही कम बोलने वाले और काम ज्यादा करने वालों में गिने जाते हैं. दिनेश्वर शर्मा लो प्रोफाइल में रहकर अपना काम करने में माहिर हैं.

आपको बता दें कि दिनेश्वर शर्मा वो शख्स हैं जिन्होंने कश्मीर में बुरहान वानी के ऑपरेशन के दौरान पूर्व जानकारी के आधार पर कश्मीर के कंट्रोल रुम में पहुंच गए थे और पूरे ऑपरेशन को मॉनिटर कर सफल बनाने में कामयाब रहे. यही नहीं पठानकोट एयरबेस पर आतंकी हमले के दौरान आईबी रहे दिनेश्वर शर्मा ने आतंकवादियों की कॉल इंटरसेप्ट करके सरकार और एनएसए को जानकारी दी थी. जिसके आधार पर पहले ही एनएसजी को पठानकोट एयरबेस में तैनात कर दिया गया और ऑपरेशन को सफल बनाया गया.

दिनेश्वर शर्मा की इन्हीं सब खूबियों को देखते हुए केंद्र सरकार ने उन्हें इतनी बड़ी जिम्‍मेदारी सौंपी है. आईबी के निदेशक बनने से पहले वह आईबी में ही महत्वपूर्ण काउंटर सर्विलांस विभाग के प्रमुख पद पर तैनात रह चुके थे. इस पद पर रहते हुए उन्होंने एजेंसी को कई अभियानों में कामयाबी दिलाई थी. आईपीएस सर्विस में आने से पहले दिनेश्वर शर्मा का चयन इंडियन फोरेस्ट सर्विस (आईएफएस) के लिए भी हुआ था. लेकिन जल्दी ही वो आईपीएस में भी सेलेक्ट हो गए.

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