देश में वकीलों का सर्वोच्च संगठन बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने भारत में किसी भी हाल में विदेशी वकीलों को नहीं देखना चाहता. बार काउंसिल ने सुप्रीम कोर्ट को कहा
है कि विदेशी वकीलों को भारत में सेमिनारों और वर्कशॉप में भी शामिल न होने दिया जाए.
कोर्ट परिसर में वकील की हत्या
बार काउंसिल भारत में विदेशी वकीलों और विदेशी लॉ फर्मों का विरोध कर रही है. काउंसिल का कहना है कि विदेशी वकील या फर्मों को भारत में क्लाइंट्स को कानूनी सलाह देने या लीगल प्रोसेस आउटसोर्सिंग कंपनी चलाने और यहां तक कि सेमिनार और वर्कशॉप में शामिल नहीं होने दिया जाए. काउंसिल का कहना है कि सेमिनार और वर्कशॉप अटैंड करना भी लीगल प्रैक्टिस के दायरे में आता है.
बार काउंसिल के वकील ने अपने ताजा ऐफिडेविट में विदेशी वकीलों को भारत में काम करने से रोकने के लिए 'लीगल प्रैक्टिस' को विस्तार से परिभाषित किया है. यह ऐफिडेविट उन याचिकाओं के जवाब में दाखिल किया गया है, जिनमें विदेशी वकीलों को भारत में प्रैक्टिस की इजाजत देने की मांग की गई है. इस मामले पर अगली सुनवाई 6 अप्रैल को होगी.