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पूर्ति ग्रुप ने कहा, आयकर सर्वे का कंपनी से लेना-देना नहीं

नितिन गडकरी के दोबारा बीजेपी अध्यक्ष बनने की राह में मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. मुंबई में गडकरी से जुड़े पूर्ति ग्रुप से जुड़ी कंपनियों पर आयकर विभाग की जांच चल रही है.

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पूर्ति ग्रुप
पूर्ति ग्रुप

नितिन गडकरी के दोबारा बीजेपी अध्यक्ष बनने की राह में मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. मुंबई में गडकरी से जुड़े पूर्ति ग्रुप से जुड़ी कंपनियों पर आयकर विभाग की जांच चल रही है.

आयकर विभाग ने मंगलवार को मुंबई में 8 ठिकानों पर बड़ा छापा मारा है. ये छापा उन कंपनियों पर है जिन्होंने महाराष्ट्र की पूर्ति पॉवर एण्ड शुगर लिमिटेड की सहयोगी कंपनियों में पैसा लगाया है. आयकर विभाग अब यह खंगालने की कोशिश कर रहा है कि जिन इन्वेस्टमेंट कंपनियों ने पूर्ति पॉवर एण्ड शुगर सब्सिडियरी कंपनियों में पैसा लगाया, उनमें किसी तरह की गड़बड़ी तो नहीं.

इन कंपनियों के पते या डायरेक्टर्स की नियुक्ति में किसी तरह की गड़बड़ी तो नहीं है. पूर्ति पॉवर एण्ड शुगर लिमिटेड कंपनी में बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी डायरेक्टर हुआ करते थे लेकिन कुछ साल पहले उन्होंने कंपनी छोड़ दी थी.

8 ठिकानों पर आयकर छापों के बीच पूर्ति पॉवर एण्ड शुगर ने ऐसी खबरों से खंडन किया है कि जिन कंपनियों पर छापा पड़ा है वो पूर्ति ग्रुप की कंपनियां हैं. पूर्ति ग्रुप ने कहा कि जिन कंपनियों पर छापा पड़ा है उन कंपनियों ने पूर्ति ग्रुप में पैसा लगाया है.

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गौरतलब है कि बीजेपी अध्‍यक्ष नितिन गडकरी का भी नाम इस मामले में जुड़ा है और आयकर विभाग ने 21 जनवरी को गडकरी को अपना पक्ष रखने के लिए पेश होने को कहा था. हालांकि गडकरी ने विभाग से और समय मांगा था. आधिकारिक सूत्रों ने बताया था कि गडकरी ने पार्टी कार्यों में व्यस्तता को लेकर अधिकारियों के समक्ष पेश होने में अपनी असमर्थता जतायी थी. उन्होंने पेश होने के लिए नया समय दिये जाने की मांग की थी.

आयकर विभाग ने इससे पहले गडकरी को पेशी के लिए इस महीने सम्मन जारी किये थे क्योंकि आयकर अधिकारी उनके खिलाफ और उनकी समूह की कंपनियों के खिलाफ कथित कर चोरी की जांच कर रहे थे.

गडकरी को उनसे निजी तौर पर पेश होने के लिए कहा गया था ताकि उनका दस्तावेजों से आमना सामना कराने के साथ ही आयकर विभाग की ओर से इस संबंध में गत कुछ महीनों से की जा रही जांच के संबंध में पूछताछ की जा सके.

विभाग उन विभिन्न कंपनियों के खिलाफ जांच कर रहा है जिन्होंने गडकरी की पूर्ति पावर एंड शुगर लिमिटेड (पीपीएसएल) में निवेश किया था. सूत्रों के अनुसार विभाग को कथित रूप से करीब 30 कंपनियों की जानकारी मिली है जिनका पीपीएसएल के साथ ‘लेनदेन’ था.

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