इंडियन मुजाहिदीन के संदिग्ध आतंकवादी फसीह मोहम्मद का परिवार इस मामले की त्वरित सुनवाई के लिए उच्चतम न्यायालय से गुहार लगाएगा जिससे जल्द से जल्द निर्दोष साबित किया जा सके. सऊदी अरब में पांच महीने हिरासत में रहने के बाद फसीह मोहम्मद को सोमवार को सऊदी अरब से प्रत्यर्पित करके भारत लाया गया है.
सउदी अरब में बीते पांच महीने से हिरासत में रहने के बाद प्रत्यर्पण कर भारत लाए गये फसीह के पिता फिरोज अहमद ने बताया, 'जल्द से जल्द फसीह को निर्दोष साबित करने के लिए हम उच्चतम न्यायालय से त्वरित सुनवाई (स्पीडी ट्रायल) करने का अनुरोध करेंगे.'
फसीह दरभंगा जिले के केवटी के बर समैला गांव का रहने वाला है. उसे वर्ष 2010 के बेंगलूर में चिन्नास्वामी स्टेडियम बम विस्फोट और जामा मस्जिद दिल्ली के पास गोलीबारी मामले में आतंकवादी संगठन इंडियन मुजाहिदीन का साथ देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. दिल्ली और कर्नाटक पुलिस को फसीह की तलाश थी.
मधुबनी जिले में बेनीपट्टी प्रखंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सा पदाधिकारी फिरोज ने कहा कि फसीह की पत्नी निकहत परवीन और मां अमरा जमाल त्वरित सुनवाई के अनुरोध के लिए अभी दिल्ली में हैं. अमरा जमाल दरभंगा में एक उर्दू स्कूल की प्रधानाध्यापिका है.
इस वर्ष मई में निकहत ने उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था और आरोप लगाया था कि केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने उसके पति को हिरासत में रखा है. केंद्र सरकार ने इस आरोप को खारिज किया था. अहमद ने कहा कि उनके परिवार और फसीह का पूर्व में कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं रहा है. उनके पिता महबूब बाबू 22 वर्ष तक केवटी ग्राम पंचायत के मुखिया रहे. स्वच्छ छवि के कारण लोग उनकी और परिवार की बहुत इज्जत करते हैं. अहमद ने कहा कि उन्हें उच्चतम न्यायालय में पूरा विश्वास है कि उनके पुत्र के साथ न्याय होगा.
फसीह ने इंटरमीडिएट की पढाई मिल्लत कालेज दरभंगा से पूरी की है जबकि इंजीनियरिंग की पढाई उसने कनार्टक के अंजुमन इंजीनियरिंग कालेज भटकल से किया है. फसीह पांच वर्ष पूर्व सउदी अरब गया था जहां उसका भाई पूर्व से काम करता है. वह एक सऊदी की कंपनी में इंजीनियर के रूप में कार्यरत था.