आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) की योजना राजधानी दिल्ली को त्योहारों के समय धमाकों से दहलाने की थी. यही नहीं, इसके लिए उसने आतंकियों को दिल्ली की ओर रवाना भी कर दिया था. यूपी के सहारनपुर से गिरफ्तार आतंकी एजाज शेख ने पुलिस पूछताछ में बताया कि पिछले साल यासीन भटकल की गिरफ्तारी के बाद वह नेपाल भाग गया था और इसके बाद से छिपता फिर रहा था.
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तान में मौजूद उसके आकाओं रियाज भटकल और मोहसिन चौधरी ने उससे हाल ही कहा था कि वह दिल्ली पहुंचे. उससे खासतौर पर यह कहा गया कि वह रूक रूककर सफर तय करे और सीधे दिल्ली नहीं जाए. इसका मकसद शेख को पुलिस की पकड़ से बचाना था. पुलिस ने बताया कि आईएम की योजना दिल्ली में आतंकी वारदात को अंजाम देने की थी. शेख को निर्देश दिया गया था कि वह लखनऊ, मुरादाबाद और सहारनपुर होते हुए दिल्ली पहुंचे.
दिल्ली पहुंचने पर मिलने वाला था हुक्म
एजाज शेख ने बताया कि दिल्ली पहुंचने के बाद उसे आगे और हुक्म मिलने वाला था. उसने दावा किया कि दिल्ली में उसे किनसे मिलना था और आगे किन गतिविधियों को अंजाम देना था यह सब उसके दिल्ली पहुंचने के बाद आखिरी समय में बताया जाना था.
जांच अधिकारियों का मानना है कि आईएम में एजाज शेख की भूमिका देखते हुए उसे हवाला के जरिए आईएम के स्लीपर सेल को कुछ पैसे दिए गए थे. इस पैसे का इस्तेमाल राष्ट्रीय राजधानी में हमले के लिए किया जा सकता था.
पुलिस आगे उन लोगों का पता लगाने का प्रयास कर रही है, जिनसे शेख लखनऊ और मुरादाबाद सफर के दौरान मिला था. पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि एजाज इन शहरों में कहां और कितने समय के लिए रूका था.
पुलिस अधिकारी ने कहा, 'इसकी भी जांच की जा रही है कि वह सहारनपुर में किन लोगों के संपर्क में था और किनसे मिलने वाला था.' शेख ने खुलासा किया है कि आईएम में उसकी भूमिका पैसे मुहैया कराना था. उसे पैसे विदेशी मनी ट्रांसफर के जरिए मिलते थे और वह इसे फर्जी पहचान पत्र के जरिए हासिल करता था.