बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पार्टी मार्गदर्शक मंडल के सदस्य यशवंत सिन्हा ने नरेंद्र मोदी की सरकार, उसकी विदेश नीति और यहां तक कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज पर जमकर प्रहार किया है. पठानकोट में आतंकी हमले के बाद जहां सरकार पाकिस्तान से वार्ता को लेकर ऊहा-पोह की स्थिति में है, वहीं सिन्हा ने सीधे तौर पर कहा है कि पड़ोसी मुल्क के साथ हमारे ऐसे रिश्ते नहीं हैं कि बातचीत की जाए.
'आज तक' से एक्सक्लूसिव बातचीत में यशवंत सिन्हा ने कहा, 'पाकिस्तान से हमारे ऐसे रिश्ते नहीं है कि उनसे बातचीत की जाए. दोनों मुल्कों के रिश्तों में हमेशा दुर्घटना होने का खतरा रहता है.' गौरतलब है कि सिन्हा इससे पहले पाकिस्तान के साथ एनएसए स्तर की वार्ता का भी विरोध कर चुके हैं.
'लाहौर यात्रा मास्टर स्ट्रोक नहीं'
बिहार में बीजेपी की हार पर नरेंद्र मोदी पर निशाना साधने वाले यशवंत सिन्हा ने अब उनकी विदेश नीति पर भी प्रहार किया है. दुनियाभर में जहां प्रधानमंत्री के औचक लाहौर दौरे की चर्चा हो रही है, वहीं सिन्हा ने कहा कि मोदी की यह यात्रा किसी भी अर्थ में मास्टर स्ट्रोक नहीं थी. सिन्हा ने कहा, 'मोदी का लाहौर दौरा मास्टर स्ट्रोक नहीं था. डिप्लोमेसी के मामले में हम मनमोहन सिंह की जिन योजनाओं की आलोचना करते थे, आज हमारी सरकार उसी को फॉलो कर रहे हैं.'
'विदेश नहीं, एआरआई मंत्री है सुषमा'
यशवंत सिन्हा ने प्रधानमंत्री के साथ ही उनके मंत्रीमंडल में शामिल सुषमा स्वराज की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं. सिन्हा ने कहा कि सुषमा स्वराज जैसा काम कर रही हैं, उससे लगता है कि वह विदेश मंत्री नहीं बल्कि एनआरआई लोगों की मंत्री हैं.
'लोगों का मारा जाना दुखद'
पठानकोट में आतंकी हमले की निंदा करते हुए वरिष्ठ बीजेपी नेता ने कहा, 'सरकार को चाहिए कि वह ऐसे इंतजाम करे कि भारत पर आतंकी हमले नहीं हो. हमारे लोगों का मारा जाना दुखद है. पठानकोट में हुई चूक की जांच होनी चाहिए.'