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EXCLUSIVE: हार्दिक ने मोदी के 'गुजरात मॉडल' को किया खारिज, कहा- मैं जाति देखकर देता हूं वोट

गुजरात के पाटीदार समुदाय के लिए आरक्षण की मांग कर सुखि‍र्यों में आए नए पटेल नेता हार्दिक पटेल जाति को प्रधानता देते हैं. आजतक के कार्यक्रम सीधी बात में उन्होंने सीधे शब्दों में कहा कि वह जाति देखकर हीं वोट डालते हैं. अपनी जाति का जो अच्छा नेता है, वही उनके लिए सबसे सही है. यही नहीं, उन्होंने गुजरात के मोदी मॉडल को सिरे से खारिज करते हुए कहा, 'विकास का कोई गुजरात मॉडल नहीं है.'

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22 साल के हार्दिक कभी चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं 22 साल के हार्दिक कभी चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं

गुजरात के पाटीदार समुदाय के लिए आरक्षण की मांग कर सुखि‍र्यों में आए नए पटेल नेता हार्दिक पटेल जाति को प्रधानता देते हैं. आजतक के कार्यक्रम सीधी बात में उन्होंने सीधे शब्दों में कहा कि वह जाति देखकर हीं वोट डालते हैं. अपनी जाति का जो अच्छा नेता है, वही उनके लिए सबसे सही है. यही नहीं, उन्होंने गुजरात के मोदी मॉडल को सिरे से खारिज करते हुए कहा, 'विकास का कोई गुजरात मॉडल नहीं है.'

एक्सक्लूसिव बातचीत में हार्दिक ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, 'मोदी के गुजरात में अमीर और अमीर हुए, गरीब और गरीब. विकास का कोई गुजरात मॉडल नहीं है. मैंने अपने गांव में विकास का कोई मॉडल नहीं देखा.' हालांकि 22 साल के हार्दिक ने यह भी कहा कि किसी का विरोध करना उनका लक्ष्य नहीं है. वह हक की बात कर रहे हैं और उनके परिवार के लोगों ने भी नरेंद्र मोदी को वोट दिया है.

जातियों को एकजुट होना होगा
यह दिलचस्प है कि जहां एक ओर हार्दिक खुद को सरदार पटेल का वंशज बताकर उनके जैसा बनना चाहते हैं, वहीं सरदार पटेल की जाति विरोधी नीति से इतर वह जाति को एकजुट करने की बात करते हैं. पटेल आरक्षण के मसले पर हार्दिक पटेल कहते हैं, 'चुनाव में हमारी जाति के लोग खड़े होने चाहिए. जाति एकजुट होगी तभी देश एकजुट होगा. गुजरात में 1 करोड़ 80 लाख पटेल हैं, लेकिन उनमें से 5-10 फीसदी ही रईस है. इसका अर्थ यह नहीं कि पूरा समुदाय अमीर हो गया है.'

जमीन बेचकर फ्लैट खरीदना विकास नहीं
सरदार पटेल को भगवान मानने वाले हार्दिक कहते हैं, 'गुजरात के गांव में 90 फीसदी घरों में शाम को रोटी नहीं पकती. किसान आत्महत्या कर रहे हैं. पढ़े-लिखे लोगों को नौकरी नहीं मिल रही. मेरे दादा के पास 40 एकड़ जमीन थी, मेरे पास 5 एकड़ है. जमीन बेचकर फ्लैट खरीदने को विकास नहीं कहते हैं.'

'मैं निडर लीडर हूं, लेकिन चुनाव से डरता हूं'
हिंसा का जवाब हिंसा से देने में विश्वास रखने वाले हार्दिक पटेल खुद को कहीं से भी नेता नहीं मानते. वह कहते हैं, '27 करोड़ पटेल मेरे साथ हैं. पूरे देश के पटेल मेरे साथ हैं. लेकिन मैं नेता नहीं हूं. मैं निडर लीडर हूं.' PAAS के संयोजक हार्दिक पटेल किसी तरह की राजनीतिक महत्वाकांक्षा से इनकार करते हैं. वह भविष्य में कभी चुनाव नहीं लड़ने की बात करते हैं और कहते हैं कि उन्हें चुनाव से डर लगता है.

58 हो नेताओं के रिटायरमेंट की उम्र
युवाओं को राजनीति में आगे लाने के लिए हार्दिक पटेल उनके रिटायरमेंट की उम्र 58 साल करने की बात करते हैं. किसी युवा को प्रधानमंत्री बनाने की वकालत करते हुए वह कहते हैं, 'जो नेता 58 साल से बड़े हैं वह रिटायर हों. प्रधानमंत्री कोई युवा बने.' शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे के प्रशंसक हार्दिक मानते हैं दिल्ली के अरविंद केजरीवाल के विकास का ब्लूप्रिंट अगर बाल ठाकरे के पास होता तो वह जरूर कामयाब होते.

'बदतमीजी करने वाले का हाथ काट देंगे'
हार्दिक पटेल ने अहमदाबाद में बीते दिनों आरक्षण के लिए रैली के दौरान हुई हिंसा के लिए पुलिस को जिम्मेदार माना है. वह कहते हैं, 'हिंसा पुलिस ने की.' जब उनसे पूछा गया कि सड़कों पर प्रदर्शनकारियों ने भी तो तोड़फोड़ की, हार्दिक ने जवाब दिया, 'अगर कोई बदतमीजी करेगा को बर्दाश्त नहीं करेंगे. मां-बहनों के साथ बदतमीजी करने वालों का हाथ काट देंगे.'

फोटो ख‍िंचाने का मतलब समर्थन नहीं
देश के हिंदू बिग्रेड और मोदी विरोधी को अपना साथी मानने से इनकार करते हुए हार्दिक ने कहा कि वह ऐसी किसी राजनीति का हिस्सा नहीं हैं. उन्होंने कहा, 'फोटो जिनके साथ है, जरूरी नहीं कि मैं उनसे जुड़ा हूं. मैं प्रवीण तोगड़ि‍या से कोई मदद नहीं लेता. मैं उनको जानता तक नहीं.'

हार्दिक कहते हैं कि उनके आसपास जो भी लोग हैं, वो हक की लड़ाई के लिए हैं. वह कहते हैं, 'मुझे मोदी नहीं सरदार बनना है. लोग मेरे बारे में क्या कह रहे हैं मुझे परवाह नहीं है. जब भी अन्याय होगा मैं आवाज उठाऊंगा.'

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