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लॉबिस्ट दीपक तलवार के साथ संबंधों को लेकर फंसे प्रफुल्ल पटेल, ED ने किया तलब

ये मामला एयरलाइन सीट आवंटन घोटाले से जुड़ा हुआ है. ED ने अगस्त 2017 में इसकी जांच शुरू की थी. इस मामले में सीबीआई ने उड्डयन मंत्रालय के अधिकारियों, एनएसीआईएल, एअर इंडिया और अज्ञात निजी व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया था.

पूर्व उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल. (फाइल फोटो-पीटीआई) पूर्व उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल. (फाइल फोटो-पीटीआई)

एनसीपी नेता और पूर्व उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पेटल की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें दीपक तलवार के मामले में पूछताछ के लिए बुलाया है. ईडी 7 जून को उनसे पूछताछ कर सकती है. आरोप है कि यूपीए सरकार के दौरान जब प्रफुल्ल पेटल नागरिक उड्डयन मंत्री थे तो दीपक तलवार को गलत तरीके से फायदा पहुंचाया गया.

दीपक तलवार उड्डयन जगत का जाना-माना लॉबिस्ट है. इस घटनाक्रम का महत्व इसलिए भी है कि मोदी सरकार के शपथग्रहण के तुरंत बाद ईडी ने उन्हें तलब किया गया है.

इंडिया टुडे को मिली जानकारी के मुताबिक जांच एजेंसियों के पास दीपक तलवार के ईमेल कम्युनिकेशन हाथ लगा है, इस ईमेल में प्रफुल्ल पटेल का नाम है. ईडी ने अपने चार्जशीट में दीपक तलवार, उनके बेटे आदित्य तलवार के साथ प्रफुल्ल पटेल का नाम लिया है. आदित्य तलवार के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया है, माना जा रहा है कि आदित्य तलवार एंटीगुआ में हैं. ईडी का कहना है कि दीपक तलवार प्रफुल्ल पटेल के 'खास दोस्तों' में शामिल है.

वहीं इन आरोपों पर एनसीपी नेता प्रफुल्ल पेटल ने कहा है कि वह प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों के जांच में सहयोग कर उन्हें खुशी होगी, उन्होंने कहा कि वह उड्डयन सेक्टर की जटिलताओं के बारे में जांच एजेंसियों को बताएंगे.

क्या है पूरा मामला?

बता दें कि ये मामला एयरलाइन सीट आवंटन घोटाले से जुड़ा हुआ है. ED ने अगस्त 2017 में इसकी जांच शुरू की थी. इस मामले में सीबीआई ने उड्डयन मंत्रालय के अधिकारियों, एनएसीआईएल, एअर इंडिया और अज्ञात निजी व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया था. इस मामले में पूछताछ से बचने के लिए दीपक तलवार देश छोड़कर भाग गया था. हालांकि इसी साल 31 जनवरी को उसे इमिग्रेशन डिपार्टमेंट के अफसरों ने दुबई से प्रत्यर्पण करवाया था. बाद में ईडी ने उसे गिरफ्तार किया था.

ED के एक अधिकारी ने बताया, "जांच में पता चला कि दीपक तलवार नेताओं, मंत्रियों (प्रफुल्ल पेटल और दूसरे उड्डयन मंत्रियों) के साथ दलाली और लॉबिंग करता था. वह एयर अरबिया और कतर एयरवेज को गलत फायदा पहुंचा रहा था. आरोप है कि उसने 2008-09 के बीच इन एयरलाइंस को गलत फायदा पहुंचाया और इसका नुकसान सरकार एयरलाइंस एअर इंडिया को को हुआ.

प्रवर्तन निदेशालय के मुताबिक जांच में पता चला है कि 2008-09 इन विदेशी एयरलाइंस कंपनियों ने फायदेमंद ट्रैफिक राइट्स दिलवाने के लिए दीपक तलावर को 272 करोड़ रुपये दिए.

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