केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को बड़ा फैसला लेते हुए देश में ई-सिगरेट पर पूरी तरह से रोक लगा दी है. भारत में अब ई-सिगरेट की बिक्री, प्रचार और उसके उत्पादन पर रोक लग गई है. बुधवार को केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका ऐलान किया. हालांकि, जब ई-सिगरेट के मुकाबले सामान्य सिगरेट पर बैन के बारे में पूछा गया तो मंत्री जी सवाल टाल गए.
दरअसल, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पूछा गया कि आपने (सरकार) ई-सिगरेट पर बैन लगाते हुए एक रिपोर्ट का हवाला दिया, लेकिन अमेरिकी रिपोर्ट कहती है कि ई-सिगरेट के मुकाबले सामान्य सिगरेट ज्यादा खतरनाक होती है. पहले इस सवाल का जवाब निर्मला सीतारमण देने वाली थीं, लेकिन वह बीच में रुकीं और प्रकाश जावड़ेकर की ओर इशारा किया.
E-cigarettes are battery-operated devices that produce aerosol by heating a solution containing nicotine,which is the addictive substance in combustible cigarettes.
Today the has approved the promulgation of the prohibition of electronic cigarettes ordinance,2019.
— PIB India (@PIB_India)
इस सवाल के बाद प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि इस सवाल का उत्तर आपको दो दिन बाद मिलेगा, जब आप डॉ. हर्षवर्धन के साथ चर्चा करेंगे. लेकिन ई-सिगरेट की वजह से देश में एक नया एडिक्शन तैयार हो रहा है, जिसपर लगाम जरूरी है.
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमें इसके विस्तार को समय पर ही रोकना है, अगर बात सामान्य सिगरेटों (तंबाकू सिगरेट) की करें तो इनके उपयोग के बारे में लगातार चेताया जा रहा है. सार्वजनिक स्थलों पर सिगरेट पीना कम हुआ है.
गौरतलब है कि कई किसानों संगठनों के द्वारा सरकार से ई-सिगरेट बैन किए जाने की अपील की जा रही थी. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े किसान संगठन भारतीय किसान यूनियन (BKU) ने भी बीते दिनों केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को इस मसले पर चिट्ठी लिखी थी.
भारतीय किसान यूनियन की अपील थी कि ई-सिगरेट के कारण तंबाकू किसानों पर असर पड़ रहा है, ऐसे में सरकार को इस मामले में जल्द से जल्द कोई कदम उठाना चाहिए. आपको बता दें कि बीते दिनों अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी अमेरिका में ई-सिगरेट पर बैन लगाने का फैसला किया. अमेरिका में बीते दिनों ई-सिगरेट का सेवन करने के बाद कुछ युवाओं की मौत हो गई थी.