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दिग्गी के निशाने पर मोदी, कहा- 'हिटलर' जैसे हैं मोदी

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधने का वैसे तो कोई भी कांग्रेस नेता मौका नहीं गंवाते हैं, लेकिन बात अगर दिग्विजय सिंह की करें तो उनसे ज्यादा अच्छे से शायद ही कोई ये मौका भुनाता हो.

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नरेंद्र मोदी
नरेंद्र मोदी

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधने का वैसे तो कोई भी कांग्रेस नेता मौका नहीं गंवाते हैं, लेकिन बात अगर दिग्विजय सिंह की करें तो उनसे ज्यादा अच्छे से शायद ही कोई ये मौका भुनाता हो. दिग्विजय सिंह ने इस बार मोदी की तुलना कर दी है जर्मनी के तानाशाह 'हिटलर' से.

दिग्विजय सिंह ने कहा कि मोदी पोस्टर और होर्डिंग के माध्यम से कभी विवेकानंद, तो कभी बालगंगाधर तिलक तो कभी सरदार वल्लभ भाई पटेल बनकर स्वंय को महिमामंडित कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि मोदी लोगों का ध्यान जमीनी हकीकत से हटाने के लिए ऐसा करते हैं.

उन्होंने कहा कि जर्मनी में हिटलर ने भी स्वंय को महिमामंडित कर सत्ता हासिल की और तानाशाह बन बैठा, जबकि मोदी भी उसी की राह पर चलने का प्रयास कर रहे हैं. दिग्विजय सिंह ने कहा कि मोदी ने अब बीजेपी में अपना कद इतना बड़ा कर लिया है कि उनके दल के सभी नेताओं के कद उनके सामने बौने हो गए हैं.

उन्होंने कहा कि बीजेपी में यह स्थिति केवल मोदी के साथ ही नहीं बल्कि मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान और छत्तीसगढ में मुख्यमंत्री रमन सिंह की भी यही स्थिति है. उन्होंने कहा कि इन दोनों राज्यों में भी मुख्यमंत्रियों ने अपनी स्थिति ऐसी ही बना रखी है और यहां भी अन्य नेता नेपथ्य में हैं.

फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन द्वारा गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन को लेकर जारी एक विज्ञापन में उनकी आवाज नहीं होने के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में सिंह ने कहा, ‘मैं तो पहले से ही कहता आ रहा हूं कि बाबा रामदेव से लेकर बाबा मोदी तक सभी फ्रॉड हैं.’ उन्होंने अयोध्या में बीजेपी की 84 कोस की यात्रा को सनातन धर्म के विपरीत बताते हुए कहा कि बीजेपी को भगवान राम और राम मंदिर निर्माण से कोई लेना देना नहीं है.

उन्होंने कहा कि बीजेपी ने पहले भी राम के नाम का दुरुपयोग किया और अब भी वह उनके नाम पर राजनीतिक फायदा उठाना चाहती है. मध्यप्रदेश में व्यवसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) के मेडिकल परीक्षा घोटाले का जिक्र करते हुए सिंह ने कहा कि अब अमीर का नालायक बेटा, जिसके पास लाखों रुपये हैं, यहां डॉक्टर बन सकता है जबकि गरीब का लायक बेटा डॉक्टर नहीं बन सकता है.

उन्होंने कहा कि यह स्थिति मध्यप्रदेश में ही नहीं है बल्कि बीजेपी शासित गुजरात, छत्तीसगढ और झारखंड में भी है. उन्होंने कहा कि चारों बीजेपी शासित राज्यों में अलग-अलग परीक्षाओं के रेट निर्धारित हैं.

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