लाखों दिल तोड़कर बचपन की मित्र साक्षी रावत का वरण करने वाले महेंद्र सिंह धोनी अपनी बहुचर्चित शादी के बाद हनीमून पर नहीं बल्कि श्रीलंका में अग्निपरीक्षा देने जाएंगे जहां भारतीय क्रिकेट टीम ने पिछले 17 साल से टेस्ट श्रृंखला नहीं जीती है.
सात जुलाई 1981 को जन्मे धोनी ने अपने 29वें जन्मदिन से तीन दिन पहले देहरादून में साक्षी के साथ पहाड़ी रीति रिवाज से शादी की लेकिन अभी वह अपनी जीवनसंगिनी के साथ छुट्टियां नहीं बिता पाएंगे क्योंकि उनकी अगुवाई में भारतीय टीम जल्द ही श्रीलंका दौरे पर जाएगी जहां उसे 18 जुलाई से तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला में भाग लेना है.
भारत को अपनी कप्तानी में कई ऐतिहासिक जीत दिलाने वाले धोनी के लिये यह बहुत मुश्किल चुनौती होगी क्योंकि भारतीय टीम ने श्रीलंकाई सरजमीं पर 1993 से कोई टेस्ट श्रृंखला नहीं जीती है जबकि इस बीच उसे पिछली तीन श्रृंखलाओं में से दो में हार का मुंह देखना पड़ा. धोनी की ही अगुवाई में भारत ने पिछले महीने श्रीलंका को उसकी सरजमीं पर पराजित करके 15 साल बाद एशिया कप जीता था.
भारतीय टीम का यह श्रीलंका का छठा दौरा है लेकिन धोनी टेस्ट श्रृंखला खेलने के लिये पहली बार इस पड़ोसी देश में जाएंगे । भारत जब 2008 में तीन मैच की श्रृंखला खेलने के लिये श्रीलंका दौरे पर गया तो धोनी ने तब विश्राम ले लिया था.
मोहम्मद अजहरूद्दीन जब 1995 में टीम लेकर श्रीलंका गये तो तब भारत ने कोलंबो में 27 जुलाई से एक अगस्त तक खेला गया दूसरा टेस्ट मैच 235 रन से जीतकर तीन मैच की श्रृंखला 1-0 से अपने नाम की थी। यह वही मैच था जिसमें सचिन तेंदुलकर ने दूसरी पारी में नाबाद 104 रन बनाये जबकि उनके बालसखा विनोद कांबली ने पहली पारी में 125 रन की पारी खेली थी.
भारतीय टीम ने इसके बाद श्रीलंका में दो टेस्ट मैच जरूर जीते लेकिन वह कभी श्रृंखला अपने नाम नहीं कर पाया. भारत जब 1997 में श्रीलंकाई दौरे पर गया तो दोनों टेस्ट मैच का परिणाम नहीं निकला जबकि 2001 के दौरे में उसे तीन मैच की श्रृंखला में 1-2 से हार झेलनी पड़ी. इसके सात साल बाद 2008 की श्रृंखला का परिणाम भी यही रहा. तब अजंता मेंडिस ने भारतीय बल्लेबाजों को अपनी रहस्यमयी गेंदों के जाल में उलझाकर अपनी टीम को 2-1 से जीत दिलायी थी.
अब सभी को धोनी से करिश्मे की उम्मीद है जिन्हें श्रीलंका में पहली बार टेस्ट मैच खेलना है. वैसे श्रीलंकाई सरजमीं उनके लिये नयी नहीं हैं. उन्होंने अब तक 23 एकदिवसीय मैच श्रीलंका में खेले हैं जिनकी 22 पारियों में 50.18 के शानदार औसत से 803 रन बनाये हैं। इसमें सात अर्धशतक भी शामिल हैं.