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दिल्ली में गरीबों के 9000 मकानों पर ग्रहण

गरीबों के लिए मकान बनाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की समय सीमा में काम पूरा नहीं होने की संभावना के कारण दिल्ली सरकार 9,000 मकानों का निर्माण बंद करना चाहती है.

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दिल्ली का मानचित्र
दिल्ली का मानचित्र

गरीबों के लिए मकान बनाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की समय सीमा में काम पूरा नहीं होने की संभावना के कारण दिल्ली सरकार 9,000 मकानों का निर्माण बंद करना चाहती है.

ये मकान पिछली यूपीए सरकार द्वारा जवाहरलाल नेहरू शहरी नवीनीकरण मिशन (जेएनएनयूआरएम) योजना के तहत घोषित 67,784 सस्ते मकानों का हिस्सा हैं.

ऐसे 3,600 मकानों का निर्माण पहले ही रोक दिया गया है. दिल्ली सरकार ने आवास और शहरी गरीबी उन्मूलन (एचयूपीए) मंत्रालय से 9,060 और मकानों का निर्माण नहीं कराए जाने की सलाह दी है.

यदि सरकार प्रस्ताव स्वीकार कर लेती है, तो यूपीए सरकार की घोषित योजना के तहत बनने वाले मकानों की संख्या घटकर 55,124 रह जाएगी.

दिल्ली सरकार के एक अधिकारी ने कहा, 'कांझीवाला में 3,600 मकानों का निर्माण पहले ही रोक दिया गया है, अब एचयूपीए मंत्रालय के पास और मकानों का निर्माण रोकने का प्रस्ताव भेजा गया है.'

जून में सस्ते आवास की 17 परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए मंत्रालय ने दिल्ली सरकार से कहा था कि या तो काम में तेजी लाया जाए या फिर जिन परियोजनाओं पर काम शुरू नहीं हो पाया है, उसे बंद कर दिया जाए.

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जेएनएनयूआरएम की शुरुआत 2005 में हुई थी. इसका पहला चरण 2012 में समाप्त होना था. 50 फीसदी काम पूर्ण नहीं हो पाने के कारण हालांकि इसकी समय सीमा बढ़ाकर मार्च 2014 की गई थी.

अधिकारी ने कहा, 'अभी तक सिर्फ छह परियोजना पूरी हो पाई है. अब नई समय सीमा जून 2015 की है. जो परियोजनाएं रुकी हुई हैं उन्हें बंद कर देना ही अच्छा है.'

जिन 9,000 मकानों का निर्माण नहीं किए जाने का प्रस्ताव रखा गया है, वे सभी पश्चिमी दिल्ली से संबंधित हैं और 17 में से पांच परियोजनाओं से संबंधित हैं

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