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सुनंदा मर्डर केस में सुब्रमण्यम स्वामी को HC का नोटिस

सुनंदा मर्डर केस में सुनंदा के बेटे शिव मेनन की याचिका पर हाई कोर्ट ने सुब्रमण्यम स्वामी को नोटिस जारी किया है. सुनवाई में सुनंदा के बेटे ने सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि स्वामी ने मीडिया पब्लिसिटी के लिए ये याचिका लगाई है.

सुब्रमण्यम स्वामी सुब्रमण्यम स्वामी

सुनंदा मर्डर केस में सुनंदा के बेटे शिव मेनन की याचिका पर हाई कोर्ट ने सुब्रमण्यम स्वामी को नोटिस जारी किया है. सुनवाई में सुनंदा के बेटे ने सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि स्वामी ने मीडिया पब्लिसिटी के लिए ये याचिका लगाई है. कोर्ट ने कहा कि स्वामी की याचिका में एसआईटी टीम गठित करने की मांग की गई है, क्या आप इसके खिलाफ हैं और स्वामी की याचिका से आप किस तरह से प्रभावित हैं?

अभी तैयार नहीं है स्टेटस रिपोर्ट

याचिकाकर्ता ने कहा, 'मेरी मां की जांच से जुड़ी स्टेटस रिपोर्ट को स्वामी अपने स्वार्थ के लिए मीडिया में सार्वजनिक करना चाहते हैं, जिसे रोका जाना चाहिए क्योंकि स्वामी का इस केस से कुछ भी लेना-देना नहीं है.' कोर्ट ने कहा कि बेटा जानना चाहता होगा कि उसकी मां की मौत कैसे हुई. हम भी जानना चाहते हैं कि सुंनदा की मौत कैसे हुई और साढ़े तीन साल की पुलिस जांच में क्या हुआ. पुलिस ने कहा कि स्टेटस रिपोर्ट अभी तैयार नहीं है, जब तैयार होगी तो कोर्ट में जमा करा देंगे. हाई कोर्ट इस मामले की एक अगस्त को दोबारा सुनवाई करेगा.

जांच में बहुत कुछ मिला है

कांग्रेस नेता शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर की मौत के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को स्टेटस रिपोर्ट सौंपने को कहा है. दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया है कि अभी तक जांच में भले ही वह किसी निष्कर्ष पर ना पहुंची हो, लेकिन केस को पूरा करने के करीब है. दिल्ली पुलिस ने कहा कि अगर कोर्ट ये केस सीबीआई को सौंपती है तो हमें कोई एतराज नहीं है. हालांकि पुलिस ने ये भी कहा कि अब तक कि जांच में बहुत कुछ मिला है और बहुत कुछ मिलना बाकी है. दिल्ली पुलिस के वकील ने कहा कि भले ही सुब्रमण्यम स्वामी इससे खुश हो या ना हो. हम इस केस में कुछ भी नहीं छिपा रहे हैं.

केस CBI को सौंपने की मांग

दिल्ली हाई कोर्ट बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी की सुनंदा पुष्कर मौत मामले में दायर की गई जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा है. स्वामी का आरोप है कि दिल्ली पुलिस साढ़े तीन साल होने के बाद भी इस केस में अभी तक कुछ नहीं कर पाई है. लिहाजा मामले को सीबीआई को सौंपा जाए, जिससे साफ हो सके कि सुनंदा की मौत कैसे हुई.

 

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