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अबकी बार त्रिपुरा के रास्ते राज्यसभा जाने की तैयारी में वृंदा करात! दिसंबर तक फैसला संभव

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) नेता वृंदा करात को एक बार फिर राज्यसभा भेजने की तैयारी है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक अगले साल अप्रैल में त्रिपुरा से करात अपना पर्चा दाखिल कर सकती हैं. पार्टी का कहना है कि इस मामले पर अभी अंतिम फैसला नहीं किया गया है. लेकिन करात की दावेदारी की संभावना को भी खारिज नहीं किया गया है.

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वृंदा करात (फाइल फोटो)
वृंदा करात (फाइल फोटो)

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) नेता वृंदा करात को एक बार फिर राज्यसभा भेजने की तैयारी है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक अगले साल अप्रैल में त्रिपुरा से करात अपना पर्चा दाखिल कर सकती हैं. पार्टी का कहना है कि इस मामले पर अभी अंतिम फैसला नहीं किया गया है. लेकिन करात की दावेदारी की संभावना को भी खारिज नहीं किया गया है.

इससे पहले करात पश्चिम बंगाल से राज्यसभा सांसद थीं. लेकिन साल 2011 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की करारी हार के बाद उनका कार्यकाल बीच में खत्म कर दिया गया. क्योंकि पार्टी महासचिव नेता सीताराम येचुरी की सदन में मौजूदगी अहम हो गई थी.

आसान दिखती है त्रिपुरा की दावेदारी
60 सीटों वाली त्रिपुरा विधानसभा में 50 सीटों पर लेफ्ट फ्रंट का कब्जा है. पार्टी के एक वरिश्ठ नेता ने कहा, 'सीपीएम को राज्यसभा में ऐसे प्रतिनिधि की जरूरत है जो ना सिर्फ अच्चा वक्ता हो बल्कि उसके पहचान भी राष्ट्रीय हो.' पिछले एक साल से वृंदा करात राज्य का नियमित रूप से दौरा कर रही हैं. वो लोगों के बीच राज्य में लेफ्ट फ्रंट सरकार की उपलब्धियों पर लोगों के बीच चर्चा कर रही हैं. उन्होंने 12 और 27 जुलाई को दो कार्यक्रमों को संबोधित किया जिसे डेमोक्रेटिक वूमन एसोसिएशन और द ट्राइबल फ्रंट गणमुक्ति परिषद की ओर आयोजित किया गया था.

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साल के अंत तक होगा फैसला
वृंदा करात की उम्मीदवारी पर आखिरी फैसला त्रिपुरा प्रदेश सीपीएम नेतृत्व, पार्टी सेंट्रल कमिटी और पोलित ब्यूरो की आपसी सहमति से लिया जाएगा. एक अनुमान के मुताबिक साल के अंत तक इसपर फैसला संभव है. पार्टी नेता बिजन धार ने इसपर कुछ भी बोलने से इंकार किया है.

अप्रैल 2016 में खत्म हो रहा है झरना दास वैद्य का कार्यकाल
अगले साल अप्रैल में त्रिपुरा से राज्यसभा सांसद झरना दास वैद्य का छह महीने का कार्यकला खत्म हो रहा है. वो भी सीपीएम की ही सदस्य हैं और उनके काम से लोग संतुष्ट हैं.

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