सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर कोविड-19 के लिए विशेषज्ञ कमेटी बनाने का आदेश जारी करने की मांग की गई है. सुप्रीम कोर्ट में के के रमेश की याचिका में दुनिया भर में कोरोना की चपेट में आने वालों का आंकड़ा दर्ज है. इस वायरस के संक्रमण की भयावहता और इसके तत्काल सटीक इलाज की जरूरत बताई गई है.
याचिका में कोर्ट से गुहार लगाई गई है कि कमेटी में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर), अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी एम्स के वायरोलोजी, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी, इंटरनेशनल सेंटर फॉर जेनेटिक इंजीनियरिंग एंड बायोटेक्नोलॉजी सहित इनसे संबंधित अन्य विशिष्ट अनुसंधान संस्थानों के विशेषज्ञ होने चाहिए. याचिका में कहा गया है कि ये समिति गठित कर इस वायरस का संक्रमण खत्म करने के उपाय, इलाज और दवा-टीके के अनुसंधान को तेजी से आगे बढ़ाया जाए.
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याचिका में कहा गया है कि चीन में इस वायरस को सोची समझी योजना के तहत विकसित किया गया. दुनिया भर में अब तक 90 लाख से ज्यादा लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं. जबकि चार लाख 69 हजार 378 लोग इस संक्रमण की वजह से जान गंवा चुके हैं.
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वैक्सीन का इंसानों पर परीक्षण करने की इजाजत मिल गई
वहीं दूसरी ओर भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने बताया है कि कोरोना के इलाज के लिए 2 स्वदेशी वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है. वैक्सीन की जानवरों पर टॉक्सिसिटी स्टडीज सफल रही है. आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ बलराम भार्गव ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि अध्ययन के आंकड़े देश के ड्रग कंट्रोलर जनरल (DGCI) को भेज दिए गए हैं. वहां से दोनों वैक्सीन का इंसानों पर परीक्षण करने की इजाजत मिल गई है.