देश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते आंकड़ों के बीच राजनीतिक सरगर्मियां तेज होने लगी हैं. दो महीने के बाद सियासी दल फिर सक्रिय हुए हैं. केंद्र की 'मोदी सरकार 2.0' का एक साल पूरा होने के मौके पर 30 मई को बीजेपी 1000 वर्चुअल कॉन्फ्रेंस से लेकर कई ई-रैलियां करेगी. वहीं, कांग्रेस ने नरेंद्र मोदी सरकार को घेरने की वर्चुअल रणनीति बनाई है. प्रवासी श्रमिकों, किसान और छोटे दुकानदारों के लिए राहत पैकेज की मांग को लेकर कांग्रेस पार्टी गुरुवार यानी 28 मई को ऑनलाइन आंदोलन करेगी.
कांग्रेस का ऑनलाइन आंदोलन
लॉकडाउन की मार झेल रहे मजदूरों, किसानों, असंगठित कर्मचारियों और छोटे दुकानदारों के मुद्दे को लेकर कांग्रेस मोदी सरकार को घेरने जा रही है. जो भी लोग इनकम टैक्स की परिधि के बाहर हैं उन सभी परिवारों के खाते में केंद्र सरकार की ओर से दस हजार रुपए की तत्काल मदद पहुंचाने की मांग को लेकर कांग्रेस 28 मई को दिन के 11 से 2 बजे के बीच बड़े पैमाने पर ऑनलाइन अभियान चलाएगी.
कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने चिट्ठी और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए निर्देश दिया कि इस अभियान में सभी कार्यकर्ताओं का शामिल होना अनिवार्य है. पार्टी ने फेसबुक, ट्विटर, यू ट्यूब, इंस्टाग्राम जैसे प्रचलित सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर एकसाथ 50 लाख कांग्रेस कार्यकर्ताओं को ऑनलाइन जुटाने का लक्ष्य रखा है.
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ऑनलाइन अभियान के जरिए कांग्रेस किसानों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों, असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के मुद्दे को उठाकर उन्हें साधने की कवायद में है. कांग्रेस अपनी मांग को लेकर बड़े पैमाने पर ट्रेंड सेट करने की कोशिश कर रही है. इसीलिए कांग्रेस ने अपनी चिट्ठी में कहा है कि हम मुश्किल में फंसे लोगों के मुद्दे उठाएंगे और केंद्र सरकार से अपील करेंगे कि लोगों की मदद करने के लिए भी कांग्रेस द्वारा की गई मांगों पर विचार करे. साथ ही सरकार से मांग करेंगे कि इनकम टैक्स के बाहर के परिवारों के खाते में दस हजार रुपए तत्काल जमा किए जाएं.
कांग्रेस ने सोशल मीडिया का किया इस्तेमाल
ऑनलाइन आंदोलन करने जा रही कांग्रेस ने लॉकडाउन के दौरान सोशल मीडिया का बखूबी इस्तेमाल किया है. दो बार कांग्रेस वर्किंग कमेटी और एक बार विपक्षी दलों की बैठक ऑनलाइन हो चुकी है. राहुल गांधी द्वारा विशेषज्ञों से लेकर मजदूरों तक से की गई बातचीत को सोशल मीडिया पर साझा किया गया. राहुल गांधी अब तक चार बार ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुके हैं. यूपी के लिए बने ऐसे ही एक वॉट्सऐप ग्रुप की निगरानी प्रियंका गांधी खुद करती हैं. बस के मुद्दे पर पिछले दिनों योगी सरकार के खिलाफ यूपी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ऑनलाइन प्रोटेस्ट किया था.
बीजेपी की 1000 ई-मीटिंग
केंद्र की सत्ता पर लगातार दूसरी बार काबिज नरेंद्र मोदी सरकार को एक साल कोरोना संकट के बीच पूरे होने जा रहा है. ऐसे में नरेंद्र मोदी सरकार ने अपनी उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाने के लिए बीजेपी 1000 वर्चुअल कॉन्फ्रेंस और रैलियां करेगी. साथ ही पार्टी सभी मंडल में फेस कवर और सैनिटाइजर भी बांटेगी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिखित एक पत्र जिसमें आत्मनिर्भर भारत का संकल्प, विश्व कल्याण हेतु भारत की भूमिका और कोरोना के फैलने से बचाव हेतु सावधानियां और स्वस्थ रहने के लिए अच्छी आदतों के संकल्प के आह्वान को देशभर में 10 करोड़ घरों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है. बीजेपी देश भर में 150 मीडिया सेंटरों के जरिए प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. स्थानीय और स्वदेशी उत्पादों का इस्तेमाल करने के लिए सभी कार्यकर्ताओं को संकल्प दिलाएंगे.
कोरोना कमांडोज़ का हौसला बढ़ाएं और उन्हें शुक्रिया कहें...
बीजेपी कार्यकर्ताओं से हर बूथ पर वॉट्सऐप ग्रुप बनाने के लिए कहा गया है. इसके साथ ही पार्टी कोरोना के बचाव एवं राहत के लिए सरकार की तरफ से किए गए प्रयासों से संबंधित छोटे-छोटे वीडियो जारी करेगी, जिसे सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने की तैयारी है. हर बड़े राज्य में कम से कम दो रैली और छोटे प्रदेशों में कम से कम एक रैली होगी. इस तरह से पार्टी ने 1000 रैलियों की रणनीति बनाई है.