केंद्र में मोदी सरकार के 4 साल इसी महीने यानी मई में पूरे होने जा रहे हैं. ऐसे में कांग्रेस ने सरकार पर राजनीतिक हमले और सवाल पूछने की तैयारी शुरू कर दी है. कर्नाटक चुनाव नतीजों के बाद कांग्रेस के नेता देशभर में मोदी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के लिए कमर कस रहे हैं. पार्टी ने इसका रोडमैप बनाना शुरू कर दिया है.
बीजेपी के गैर-जिम्मेदार बयानों को इकट्ठा कर रही है कांग्रेस
कांग्रेस का मानना है कि चुनाव का एक ही साल बचा है, इसलिए मोदी सरकार की जुमलेबाज़ियों और नाकामियों को जनता के बीच ले जाना उसकी ज़िम्मेदारी है. कांग्रेस की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वादों और दावों पर एक वीडियो भी तैयार किया जा रहा है, जिसके आधार पर कांग्रेस सरकार और खासकर प्रधानमंत्री से सवाल करेगी. कांग्रेस की सोशल मीडिया टीम भी बीजेपी के मंत्रियों के गैर-जिम्मेदार बयानों को इकट्ठा कर रही है क्योंकि चौतरफा हमला करने की तैयारी है.
कांग्रेस अधिवेशन में मोदी सरकार को लेकर पांच बुकलेट जारी की गई थीं. इन पांच बुकलेट को भी अपडेट करके कांग्रेस तेवर दिखाएगी. पार्टी इनके जरिए जनता के बीच मोदी सरकार की नाकामयाबियों को गिनाएगी.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने सरकार पर हमला करते हुए कहा कि ये अब तक की सबसे असफल सरकार है. यह सरकार पूरी तरह से नाकाम रही है, अपने वादे भी पूरे नहीं कर सकी. सरकार की ओर से जब सिर्फ जुमलेबाजी ही गई तो हम वही सच तो जनता को बताएंगे.
कई मुद्दों पर सरकार को आड़े हाथ लेने की तैयारी
कर्नाटक चुनाव खत्म होते ही यानी 15 मई के बाद कांग्रेस नेता राज्यों की राजधानियों और देश के महत्वपूर्ण शहरों में प्रेस कान्फ्रेंस के माध्यम से मोदी सरकार को अर्थव्यवस्था से लेकर बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, महिला सुरक्षा, दलित मसले जैसे तमाम मुद्दों पर आड़े हाथ लेगी.
कांग्रेस की रणनीति पार्टी के तमाम दिग्गज चेहरों को सरकार पर आक्रमण के लिए मैदान में उतारने की है. 2018 में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और मिजोरम में हैं. फिर 2019 में लोकसभा चुनाव होने हैं. कांग्रेस के अंदर पिछले कुछ महीनों में स्थापित विभागों जैसे अखिल भारतीय व्यावसायिक कांग्रेस, अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस,अखिल भारतीय असंगठित मजदूर कांग्रेस और दूसरे तमाम विभागों से मिलने वाले फीडबैक का पार्टी की रणनीति तैयार करने में भरपूर इस्तेमाल किया जाएगा.
मोदी सरकार के तीन साल पूरे होने पर भी कांग्रेस ने हल्ला बोला था. लेकिन क्योंकि चुनाव से पहले ये आखिरी साल है, ऐसे में कांग्रेस पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है. ज़ाहिर है कांग्रेस अपने हमलों को अधिक से अधिक धारदार बनाने की कोशिश करेगी.
2019 लोकसभा चुनाव की टोन सेट करने के लिए कर्नाटक विधानसभा के नतीजे अहम भूमिका निभाएंगे. देखना दिलचस्प होगा कि इस राज्य के नतीजे आने के बाद सियासी रस्साकशी में कांग्रेस या बीजेपी में से कौन फ्रंटफुट पर खेलता दिखेगा और कौन बैकफुट पर.