नागरिकता कानून को लेकर मचे बवाल पर विपक्ष के नेताओं ने मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा. जामिया हिंसा के बाद अलीगढ़ में हुए विरोध प्रदर्शन से मामला गरमा गया. वहीं, रविवार को नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ पश्चिम बंगाल, पटना, बेंगलुरू, गुवाहटी, उत्तराखंड और अलीगढ़ में भी पूरे दिन प्रदर्शन जारी रहा.
कांग्रेस ने जामिया में छात्रों की पिटाई पर मोदी सरकार को कटघरे में खड़ा किया. रविवार देर रात प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि पीएम मोदी चुनाव में बिजी हैं और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पूर्वोतर में नहीं जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि अब मोदी सरकार को जगाने का वक्त आ गया है.
प्रियंका गांधी ने कहा- कायर है यह सरकार
इसके अलावा कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने जामिया मिलिया इस्लामिया में पुलिस की कार्रवाई को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'देश के विश्वविद्यालयों में घुस-घुसकर विद्यार्थियों को पीटा जा रहा है. जिस समय सरकार को आगे बढ़कर लोगों की बात सुननी चाहिए, उस समय भाजपा सरकार उत्तर पूर्व, उत्तर प्रदेश, दिल्ली में विद्यार्थियों और पत्रकारों पर दमन के जरिए अपनी मौजूदगी दर्ज करा रही है.'
बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए प्रियंका गांधी ने कहा, 'यह सरकर कायर है. जनता की आवाज़ से डरती है. इस देश के नौजवानों, उनके साहस और उनकी हिम्मत को अपनी खोखली तानाशाही से दबाना चाहती है. ये भारतीय युवा हैं, सुन लीजिए मोदी जी, यह दबेगा नहीं, इसकी आवाज़ आपको आज नहीं तो कल सुननी ही पड़ेगी.'
जनता की आवाज़ से डरती है। इस देश के नौजवानों, उनके साहस और उनकी हिम्मत को अपनी खोखली तानाशाही से दबाना चाहती है। यह भारतीय युवा हैं, सुन लीजिए मोदी जी, यह दबेगा नहीं, इसकी आवाज़ आपको आज नहीं तो कल सुननी ही पड़ेगी।
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) December 15, 2019
इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद, पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह, राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने भी मोदी सरकार पर हमला बोला.
छात्रों की पिटाई दुर्भाग्यपूर्ण
सीएम अशोक गहलोत ने ट्वीट कर केंद्र सरकार से जामिया हिंसा पर हस्तक्षेप की मांग की. उन्होंने जामिया के छात्रों की पिटाई को दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया. साथ ही उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून के बाद कई राज्यों में उत्पन्न हालातों को देखते हुए प्रदेश में भी विशेष सतर्कता बरतने निर्देश दिए.
Brutal crackdown on Jamia students is very unfortunate and condemnable. Central govt must immediately intervene and restore normalcy. #JamiaProtest
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) December 15, 2019
CAA हटाने की मांग
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने घटना को लेकर दुख जताते हुए शांति व्यवस्था बहाल कराने की अपील की है. साथ ही मोदी सरकार से CAA को हटाने की मांग की है. वहीं, डीएमके चीफ एमके स्टालिन ने भी कानून को हटाने की मांग की है. साथ ही आगाह करते हुए कहा गया है कि जो भी खून बह रहा है उसका हिसाब देना होगा.
Disturbed by reports from Delhi in wake of anti #CABProtests at #JamiaMilia. Urge @AmitShah & @ArvindKejriwal to do all it takes to bring the situation under control & prevent it from escalating further. Appeal to @narendramodi govt to repeal the controversial Act immediately.
— Capt.Amarinder Singh (@capt_amarinder) December 15, 2019
नॉर्थ-ईस्ट जाने की हिम्मत नहीं
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि दिल्ली, असम, त्रिपुरा, मेघालय जल रहा है, लेकिन गृह मंत्री के पास नॉर्थ-ईस्ट जाने की हिम्मत नहीं है. वहीं, प्रधानमंत्री मोदी झारखंड में चुनाव प्रचार में मगन हैं.
दिल्ली जल रही है,
असम, त्रिपुरा, मेघालय जल रहा है,
बंगाल में हिंसा फैली है,
गृह मंत्री को उत्तरपूर्व जाने की हिम्मत नही,
जापान के PM का दौरा रद्द करना पड़ा,
पर मोदीजी झारखंड में चुनाव प्रचार में मगन हैं।
जो विरोध करे वो देशद्रोही करार।
जामिया इसका ताज़ा उदाहरण है।#CAB2019
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— Randeep Singh Surjewala (@rssurjewala) December 15, 2019
क्या ये गुजरात मॉडल है?
यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि जामिया के छात्र-छात्राओं से बर्बरतापूर्ण हिंसा हुई है, ये बेहद निंदनीय है. पूरे देश को हिंसा में फूंक देना ही क्या आज के सत्ताधारियों का असली ‘गुजरात मॉडल’ है.
जिस प्रकार जामिया मिलिया के छात्र-छात्राओं से बर्बरतापूर्ण हिंसा हुई है और विद्यार्थी अभी भी फँसे हुए हैं, ये बेहद निंदनीय है.
पूरे देश को हिंसा में फूँक देना ही क्या आज के सत्ताधारियों का असली ‘गुजरात मॉडल’ है.
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) December 15, 2019
ऐसे तत्वों को चिन्हित करिए....
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने ट्वीट करके कहा कि जामिया के साथियों, आपने अपना प्रतिरोध शांतिपूर्ण और संवैधानिक रखा है. आपको समर्थन व जिंदाबाद. प्रायोजित तरीके से आपके आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश हुई है. ऐसे तत्वों को चिन्हित करिए.
जामिया के साथियों, आपने अपना प्रतिरोध शांतिपूर्ण और संवैधानिक रखा है। आपको समर्थन व ज़िंदाबाद। प्रायोजित तरीके से आपके आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश हुई है।ऐसे तत्वों को चिन्हित करिए।
दिल्ली पुलिस के साथियों, ये आपके ही साथी है जो मुल्क और संविधान की हिफाज़त के लिए सड़कों पर है।
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) December 15, 2019
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इन घटनाओं पर दुख जताते हुए कहा कि किसी भी तरह की हिंसा स्वीकार नहीं की जाएगी. विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्वक किया जाना चाहिए. किसी को भी हिंसा में शामिल नहीं होना चाहिए.