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कोयला घोटाला: सीबीआई कोर्ट ने रुंगटा ब्रदर्स को ठहराया दोषी, गिरफ्तार

सीबीआई ने आरोप लगाया था कि झारखंड इस्पात प्रा. लि. (JIPL) को तीन अन्य फर्मों के साथ कोल ब्लॉक आवंटित किए गए थे. इसके लिए जो दस्तवाजे सौंपे गए थे वो फर्जी थे.

कोयला घोटाला मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने रुंगटा ब्रदर्स को दोषी ठहराया है. कोर्ट ने आर.एस. रुंगटा और आर.सी. रुंगटा को आपराधिक साजिश रचने और धोखाधड़ी के आरोपों में दोषी ठहराया. सुनवाई के दौरान दोनों कोर्ट में मौजद थे. उन्हें तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया.

बीते साल दोनों के खिलाफ कोर्ट ने आरोप तय किए थे. 21 मार्च 2015 को कोर्ट ने आईपीसी की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश रचने), धारा 420 (धोखाधड़ी), धारा 467 (सुरक्षा में जालसाजी), धारा 468 (धोखाधड़ी के उद्देश्य से साजिश रचना), धारा 471 (फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल) के तहत आरोपी बनाया था.

आरोपियों ने सीबीआई पर लगाया था आरोप
सीबीआई ने आरोप लगाया था कि झारखंड इस्पात प्रा. लि. (JIPL) को तीन अन्य फर्मों के साथ कोल ब्लॉक आवंटित किए गए थे. इसके लिए जो दस्तवाजे सौंपे गए थे वो फर्जी थे. सभी आरोपियों ने खुद को बेकसूर बताया और कहा कि सीबीआई उन्हें बिना वजह फंसा रही है.

कोर्ट ने खारिज की थी याचिका
23 दिसंबर 2015 को मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आरोपी आर.एस. रुंगटा की उस याचिका को खारिज कर दिया था जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व मंत्री दासारी नारायण को समन जारी करने की मांग की गई थी. सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि जांच के दौरान JIPL के फर्जीवाड़े से जुड़े अहम दस्तावेज सामने आए. उन्होंने कोल ब्लॉक पाने के लिए कई झूठे दावे किए थे.

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