मजबूत नेता, निर्णायक सरकार. कांग्रेस के जय हो की टक्कर लेने के लिए बीजेपी ने यही नारा तलाशा है. फिल्मी चक्कर से दूर बीजेपी अब यथार्थ में अपना भविष्य तलाशने में जुटी है.
फील गुड का दौर गया. बीजेपी का चेहरा अब बदल गया है. पोस्टरों से साफ है कि बीजेपी अब आडवाणी के सहारे अपनी नैया पार लगाने की तैयारी में हैं. युवा और बुजुर्ग नेता को लेकर उठे सवाल पर भी पार्टी के पास जवाब हाजिर है.
भले ही कांग्रेस ने ऑस्कर मार्का गए 'जय हो' को अपना चुनावी गीत बना डाला हो, लेकिन बीजेपी परेशान नहीं. उसे पता है कि फिल्मी चक्कर में वो बाजी हार चुकी है इसीलिए तो नारा भी सोंच समझ कर चुना है " मजबूत नेता, निर्णायक सरकार".
चुनाव की तैयारी में पार्टी ने वॉर रुम तक बना डाला है. प्रचार के लिए एक टीम दिन-रात काम कर रही है. सबकुछ ठीक चले, इसे देखने के लिए अरुण जेटली के नेतृत्व में टीम बनी है. आडवाणी के सहायक दीपक चोपड़ा और सुधींद्र कुलकर्णी भी इस टीम में हैं. यानि बीजेपी के लिए अब बस आडवाणी ही आडवाणी.