ओवैसी ने एक के बाद एक किए गए कई ट्वीट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरा है. एक ट्वीट में उन्होंने कहा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुताबिक भारत का एक भी हिस्सा चीन के कब्जे में नहीं है. इसलिए मेरे कुछ सवाल हैं-
1. हमारे 20 सैनिक क्यों मारे गए, अगर भारतीय सेना ने चीनी सेना के जवानों को भगाने की कोशिश नहीं की.
2. किसी भी प्रधानमंत्री को हक नहीं है कि वे भारतीय भू-भाग को बिना संसद की मंजूरी के किसी को दान में दे दें.
3. एयर वाइस मार्शल (रिटायर्ड) बहादुर मनमोहन का दावा है कि गलवान इलाका हमेशा से एलएसी के भारतीय साइड की ओर रहा है.
4. चीन के लोग दावा कर रहे हैं कि गलवान घाटी उनकी है. यह कहना कि चीन का कोई कब्जा नहीं है, क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका समर्थन नहीं कर रहे हैं.
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THREAD: According to @PMOIndia there's been no Chinese occupation of our territory. So I have a few questions:
1 Why'd our 20 soldiers die if not while throwing out the Chinese from our territory?
2 No PM has power to gift Indian territory to anyone without parliamentary approval
— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) June 20, 2020
एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा कि अगर भारतीय क्षेत्र में कोई चीनी घुसपैठ नहीं है तो भारतीय वायुसेना को यह क्यों कहना पड़ रहा है कि एलएसी पर किसी भी स्थिति का जवाब देने के लिए हम तैयार हैं.
पीएम-विदेश मंत्री के बयान विरोधाभासी
ओवैसी ने कहा कि यह काफी भ्रमात्मक है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर के बयान एक-दूसरे के विरोधाभासी हैं. एक कहते हैं कि कोई घुसपैठ नहीं है. दूसरे कहते हैं कि चीन गलवान में एलएसी का सम्मान करते हुए आपसी सहमति से चले गए. चीन ने गलवान सेक्टर में हमारी ओर ढांचा खड़ा करने को कहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल पूछते हुए ओवैसी ने कहा कि क्या पेट्रोल पॉइंट 14 गलवान घाटी अब भी चीनी कब्जे में है, जहां हमारे 20 सैनिक मारे गए हैं. पैंगोंग त्सो झील की स्थिति कैसी है. ज्यादातर हिस्सा भारत का है.
आधिकारिक मैप जारी करने की मांग
एक अन्य ट्वीट में असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार से सवाल पूछा है कि क्या आप आधिकारी मैप जारी करेंगे जिसमें पैंगोग त्सो झील का कितना हिस्सा गलवान घाटी में हमारे हिस्से में है. खासकर हालिया मौतों के सिलसिले में. क्या आप एक व्हाइट पेपर में पब्लिश करेंगे कि लद्दाख की भौगोलिक स्थिति 2014 से 16 जून 2020 तक कैसी रही है.
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क्या था पीएम मोदी का बयान?
सर्वदलीय बैठक के बाद पीएम मोदी ने सभी राजनीतिक दलों को आश्वस्त किया कि हमारी सेनाएं, सीमाओं की रक्षा करने में पूरी तरह सक्षम हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सर्वदलीय बैठक के बाद कहा कि न तो वहां कोई हमारी सीमा में घुसा हुआ है और न ही हमारी कोई पोस्ट किसी दूसरे के कब्जे में है. लद्दाख में हमारे 20 जांबाज शहीद हुए लेकिन जिन्होंने भारत माता की तरफ आंख उठाकर देखा था, उन्हें हमारे जवान सबक सिखाकर गए हैं.