आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार की सुबह ट्वीट कर उन तमाम अटकलों को साफ कर दिया कि नवजोत सिंह सिद्धू पंजाब चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी में शामिल होंगे या नहीं. अरविन्द केजरीवाल ने ट्विटर पर लिखा कि सिद्धू ने उनसे पिछले हफ्ते मुलाकात की थी, लेकिन पार्टी में शामिल होने के लिए कोई शर्त नहीं रखी है.
पिछले दिनों आम आदमी पार्टी के सूत्रों से ये खबर मिली थी कि नवजोत सिंह सिद्धू ने पंजाब में चुनाव लड़ने के साथ-साथ मुख्यमंत्री पद की मांग की है लेकिन पार्टी के बड़े नेता सिद्धू को सिर्फ स्टार प्रचारक के तौर पे चुनावी मैदान में उतारना चाहते हैं. लेकिन इससे पहले कि सस्पेंस ज्यादा बढ़ता, अरविन्द केजरीवाल ने पूरे मामले में अपना पक्ष ट्विटर पर रखते हुए लिखा कि 'पिछले हफ्ते सिद्धू मुझसे मिले थे, लेकिन उन्होंने कोई शर्त नहीं रखी. उन्हें सोचने के लिए कुछ समय चाहिए, हमें इसका सम्मान करना चाहिए'
Wud Navjot Sidhu ji join AAP- lot of rumours? Its my duty to put forward our side. We have greatest greatest regard for this ckt legend(1/3)
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal)
He met me last week. Didn't put any pre-condition. He needs time to think. Lets respect that(2/3)
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal)
He is a v gud human being n a ckt legend. My respect for him wud continue whether he joins or not(3/3)
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal)
राज्यसभा और बीजेपी से अलग होने के बाद नवजोत सिंह सिद्धू और आम आदमी पार्टी के बीच बातचीत का सिलसिला तेज़ हो गया था. लेकिन सिद्धू की शर्तों से मामला बिगड़ गया. हालांकि, पार्टी सूत्रों ने ये स्पष्ट किया था कि नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी को आम आदमी पार्टी ने पंजाब से चुनाव लड़ाने के अलावा, इस बात को लेकर भी राजी हो गयी थी कि अगर सरकार बनती है तो सिद्धू की पत्नी को मंत्री पद दिया जायेगा.
दरअसल आम आदमी पार्टी, नवजोत सिंह सिद्धू को मुख्यमंत्री उम्मीदवार बनाने के पक्ष में बिल्कुल नहीं है. इसकी एक बड़ी वजह सिद्धू पर लगा हत्या का आरोप है. दूसरी तरफ पार्टी सूत्रों के मुताबिक तमाम नेताओं ने आम आदमी पार्टी के संविधान का हवाला देते हुए पति, और पत्नी दोनों को टिकट देने से इनकार कर दिया है. इस संविधान में एक ही परिवार से 2 सदस्यों को चुनाव लड़ने का अधिकार नहीं दिया जाता है.