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गुस्से वाले हनुमान की पूरी कहानी: बजरंग भक्त ने ही बनाई थी ये तस्वीर

दरअसल वायरल हो रही हनुमान के गुस्से वाली तस्वीर को बनाने वाले हैं कर्नाटक के बेंगलुरु में रहने वाले 29 साल के करण आचार्य. पेशे से पेंटर करण आचार्य ने 2015 में हनुमान के इस अवतार को अपने ब्रश से रचा था.

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हनुमान की वायरल तस्वीर
हनुमान की वायरल तस्वीर

आजकल चारो तरफ हनुमान के गुस्से वाली फोटो की भरमार दिखाई दे रही है. क्या झंडे, क्या गाड़ी, क्या घर और क्या सोशल मीडिया, हर जगह हनुमान का यह अवतार लोगों के बीच जबरदस्त वायरल हो रहा है. हनुमान की इस तस्वीर को लेकर विवाद भी खड़ा हो गया है, हम आपको एंग्री हनुमान की इस तस्वीर से जुड़ी हुई कहानी के बारे में बताएंगे कि आखिर इस हनुमान को बनाया किसने और इसे बनाने के पीछे वजह क्या थी? साथ ही बताएंगे कि हनुमान का यह अवतार कैसे आया सामने.

दरअसल वायरल हो रही हनुमान के गुस्से वाली तस्वीर को बनाने वाले हैं कर्नाटक के बेंगलुरु में रहने वाले 29 साल के करण आचार्य. पेशे से पेंटर करण आचार्य ने 2015 में हनुमान के इस अवतार को अपने ब्रश से रचा था. दिलचस्प बात यह है कि 2015 में रचे गए हनुमान का यह रूप दो ढाई साल बाद लोगों के बीच जबरदस्त पॉपुलर हो रहा है. मैंगलुरु में एक निजी कंपनी के लिए काम करने वाले करण आचार्य पेशेवर पेंटर हैं.

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करण का कहना है कि साल 2015 में केरल में गणेश चतुर्थी के मौके पर उनके दोस्तों ने उन्हें झंडे पर लगाने के लिए एक नई रचना करने के लिए कहा था. करण आचार्य खुद बजरंगबली के भक्त हैं और इसीलिए उन्होंने त्योहार में भगवा झंडे पर लगाने के लिए हनुमान के एक नए अवतार को गढ़ा. हनुमान का जो रूप करण आचार्य 2015 में जनता के बीच लेकर आए वह जबरदस्त तरीके से पसंद किया जा रहा है.

करण कंप्यूटर कीपैड पर महज 20 मिनट के अंदर करण अलग-अलग देवी देवताओं की तस्वीरें अलग ही अंदाज में बना देते हैं. करण ने भगवान विष्णु की वह तस्वीर बनाई है जिसमें वह शेषनाग की शैया पर सीधे लेटे हैं. गूगल पर भी शेष शैया पर भगवान विष्णु की ऐसी तस्वीर मौजूद नहीं है. वहीं भगवान कृष्ण की भी एक अद्भुत हमारे सामने महज 20 मिनट में तैयार की.

करण कहते हैं कि देवी देवताओं के इन रूपों की परिकल्पना उन्हें उन कहानियों से मिलती है जो उनके बचपन में उन्होंने दादा-दादी से सुनी थी. बचपन में सुनी देवी देवताओं की कहानियों को करण आचार्य आज अपने डिजिटल कैनवास पर उतार रहे हैं, लेकिन हनुमान का वह अवतार अब तक सबसे ज्यादा प्रसिद्ध हुआ. तो वहीं इस तस्वीर को लेकर कई लोगों ने सवाल भी खड़े किए.

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हनुमान की तस्वीर पर विवाद को लेकर करण आचार्य कहते हैं कि वह पेशे से कलाकार हैं और तस्वीरें बनाना उनकी कला है, इसलिए जब लोग उनकी कला पर सवाल उठाते हैं और उस पर विवाद खड़ा करते हैं तो उन्हें दुख होता है. करण का यह भी कहना है कि उन्हें बड़ी खुशी होती है जब उनके गढ़े गए हनुमान की तस्वीर सोशल मीडिया प्रोफाइल पर दिखती है, तो उन्हें अच्छा लगता है.

बजरंगबली के भक्त करण आचार्य कहते हैं कि उन्होंने हनुमान का यह अवतार अपनी श्रद्धा, अपनी इच्छा और अपनी परिकल्पना के आधार पर बनाया था ना कि किसी खास विचारधारा से प्रभावित होकर. करण कहते हैं कि बजरंगबली के इस अवतार के बारे में तो धर्म ग्रंथ पुराणों में भी लिखा गया है जिसमें उन्होंने लड़ाईयां भी लड़ीं और लंका भी जलाई.

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