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आंध्र प्रदेश में रेत की किल्लत के खिलाफ TDP प्रमुख चंद्रबाबू नायडू का धरना कल

मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी की अगुआई वाली YSRCP पार्टी ने चंद्रबाबू नायडू पर पलटवार किया है. सत्तारूढ़ पार्टी का कहना है कि चंद्रबाबू सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए ये सब कर रहे हैं.

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तेलुगु देशम प्रमुख चंद्रबाबू नायडू (फाइल फोटो)
तेलुगु देशम प्रमुख चंद्रबाबू नायडू (फाइल फोटो)

  • विजयवाड़ा में 14 नवंबर को धरने पर बैठ कर जताएंगे विरोध
  • TDP का आरोप, रेत के संकट की वजह से निर्माण सेक्टर संकट में

तेलुगु देशम प्रमुख चंद्रबाबू नायडू आंध्र प्रदेश में रेत संकट और YSRCP सरकार की कथित जनविरोधी नीतियों के खिलाफ एक दिन का अनशन करेंगे. तेलुगु देशम पार्टी (TDP) का आरोप है कि निर्माण कार्यों में काम आने वाली रेत के संकट की वजह से निर्माण सेक्टर को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. इसमें  सीमेंट, स्टील और 25 अन्य उद्योगों से जुड़े करीब 150 कारोबार प्रभावित हैं.

TDP का दावा है कि लाखों लोगो की नौकरियां जा रही हैं और करीब 35 श्रमिक खुदकुशी कर चुके हैं. आंध्र प्रदेश में विपक्ष के नेता चंद्रबाबू नायडू 14 नवंबर को सुबह 8 बजे से रात 8 तक विजयवाड़ा में धरना चौक पर धरना देंगे.  

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YSRCP पार्टी ने चंद्रबाबू नायडू पर किया पलटवार

उधर, मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी की अगुआई वाली YSRCP पार्टी ने चंद्रबाबू नायडू पर पलटवार किया है. सत्तारूढ़ पार्टी का कहना है कि चंद्रबाबू सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए ये सब कर रहे हैं.    

YSRCP विधायक और वरिष्ठ नेता के पार्थसारथी ने कहा, 'दीक्षा का कोई औचित्य नहीं है क्योंकि रेत की किल्लत अब नहीं हैं. TDP नेता दीक्षा से सिर्फ़ राजनीतिक माइलेज लेने की कोशिश कर रहे हैं.'

पार्थसारथी के मुताबिक नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने आंध्र में पिछली टीडीपी सरकार पर अवैध रेत खनन की वजह से 100 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया था. पार्थसारथी ने कहा, 'आप (चंद्रबाबू) और लोकेश ने रेत से जेबें भरने की छूट अपने विधायकों को दे रखी थी. जिससे कि आपके (चंद्रबाबू और लोकेश) भ्रष्टाचार से कमाए करोड़ों रुपयों पर पर्दा पड़ा रहे. पार्थसारथी ने सवाल किया, 'क्या ये सच नहीं है कि TDP विधायकों और इसके नेताओं टनों रेत ठिकाने लगाई.'  

मोहन रेड्डी लगातार कर रहे हैं समीक्षा

पार्थसारथी ने कहा कि चंद्रबाबू और अभिनेता से नेता बने जनसेना पार्टी प्रमुख पवन कल्याण बिना किसी बात इसे मुद्दा बना रहे हैं. वो भी ऐसी स्थिति में जब लोगों को रेत की आपूर्ति की जा रही है.

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सरकार की ओर से दावा किया गया कि मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी लगातार अवैध रेत खनन को रोकने के लिए उठाए गए कदमों की समीक्षा कर रहे हैं. बुधवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में रेत के अवैध खनन और परिवहन पर प्रस्तावित अध्यादेश को मंजूरी दी गई. इसमें रेत के अवैध परिवहन पर दो साल तक की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है.  

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