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चंद्रबाबू नायडू की मुश्किल बढ़ी, वेदिका के बाद अब इस घर पर चल सकता है बुलडोजर

आंध्र प्रदेश कैपिटल डेवलपमेंट अथॉरिटी ने कृष्णा नदी की तलहटी पर बने घर के लिए नोटिस जारी किया है, जो लिंगमनी रमेश के नाम पर है. यह नोटिस अवैध निर्माण को हटाने के लिए जारी किया गया है.

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चंद्रबाबू नायडू (फाइल फोटो)
चंद्रबाबू नायडू (फाइल फोटो)

  • तोड़ी गई थी नायडू द्वारा बनाई गई इमारत 'प्रजा वेदिका'
  • अब कृष्णा नदी की तलहटी पर बने घर के लिए नोटिस जारी

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और तेलगु देशम पार्टी (टीडीपी) के अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. चंद्रबाबू नायडू की बिल्डिंग 'प्रजा वेदिका' को तोड़े जाने के बाद अब उनके आवास पर किए गए अवैध निर्माण को गिराया जा सकता है.

दरअसल, आंध्र प्रदेश कैपिटल डेवलपमेंट अथॉरिटी ने कृष्णा नदी की तलहटी पर बने घर के लिए नोटिस जारी किया है, जो लिंगमनेनी रमेश के नाम पर है. यह नोटिस अवैध निर्माण को हटाने के लिए जारी किया गया है.

कैपिटल डेवलपमेंट अथॉरिटी ने नोटिस में अवैध निर्माण को हटाने के लिए एक हफ्ते का समय दिया है. नोटिस में कहा गया है कि अगर आदेश का पालन नहीं किया गया तो इसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और अवैध निर्मित घर को ध्वस्त कर दिया जाएगा.

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अथॉरिटी ने कहा कि ग्राउंड फ्लोर, फर्स्ट फ्लोर, स्वीमिंग पूल और ड्रेसिंग रूम का निर्माण बिना इजाजत के किया गया है, जो मानदंडों का उल्लंघन है.

गौरतलब है कि चंद्रबाबू नायडू के अमरावती स्थित घर से सटी इमारत प्रजा वेदिका को इसी साल जून के महीने में तोड़ दिया गया था. इस इमारत को गिराने का आदेश राज्य के नए मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने दिए थे. उन्होंने कहा था कि यह इमारत गैर-कानूनी है और ऐसी सभी इमारतों को गिराने के लिए चलाए गए अभियान के तहत सबसे पहले प्रजा वेदिका को तोड़ा गया था.

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